CAA-NRC: मुजफ्फरनगर में प्रदर्शन के दौरान हिं’सा पर रिपोर्ट ने चौंकाया, बुजुर्ग मौलाना पर पुलिसिया बर्बरता देखकर दं’ग रह….

लखनऊ: देश भर में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन जारी है। कई जगहों पर हिं’सक प्रदर्शन के बाद प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया और उन्हें जेल भेज दिया गया। उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा हिं’सक प्रदर्शन हुए हैं। और इन हिंसक प्रदर्शनों को हवा देने और लोगों को भड़काने में पुलिस ने भी कोई कसर बाकी नहीं रखी। राजनीतिक दलों और कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा लगायी गई आ’ग में पुलिस ने भी कई जगह घी डालने का काम किया।

इन हिं’सक प्रदर्शन के बाद बुधवार को शिया धर्म गुरू मौलाना कल्बे जव्वाद और सुप्रीम कोर्ट के वकील महमूद प्राचा ने मुजफ्फरनगर शहर में मुस्लि’मों पर क्रूर पुलिस कार्रवाई के बाद दौरा किया और मौलाना असद रजा हुसैनी से मुलाकात की। बता दें 20 दिसंबर को यूपी के मुजफ्फरनगर की पुलिस दंगाइयों की तलाश में एक मदरसे में घुसी और जमकर तां’डव मचाया।

मदरसे में पुलिस के सामने जो भी आया उसे खाकी का शिकार होना पड़ा, फिर चाहे वो ना’बालिग छात्र हों या फिर राष्ट्रपति पदक से सम्मानित मदरसे के बुजुर्ग मौलाना असद रजा हुसैनी। देश-दुनिया में अपनी विद्वता के लिए विख्यात मौलाना असद रजा हुसैनी के साथ पुलिस ने ऐसी ब’र्बर’ता की कि सुनने वाले दंग हैं। आरोप है कि पुलिस ने हुसैनी पर थर्ड डिग्री टार्चर का इस्तेमाल किया।

सुप्रीम कोर्ट के वकील महमूद प्राचा ने कहा कि सीएए-एनआरसी के खिलाफ देशव्यापी विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा हिं’सा की जमीनी रिपोर्ट प्राप्त करने के लिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश के शहरों का दौरा करने के लिए एक समन्वय समिति का गठन किया गया था। और प्रदेश में कई जगहों पर विरोध प्रदर्शनों के बीच सबसे सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील मुजफ्फरनगर था।

वही भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद के कानूनी वकील महमूद प्राचा ने मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि टीम ने घट’नास्थल का दौरा किया और लोगों का संस्करण प्राप्त किया। टीम ने भारी मात्रा में साक्ष्य और ब’र्बर’ता की विस्तृ’त रिपोर्ट एकत्र की और बाद में कार्रवाई के दौरान पुलिस ने कार्रवाई की और जल्द ही घट’ना की जांच शुरू की जाएगी।

आपको बता दें प्रदेश की सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व में योगी आदित्यनाथ सरकार द्वारा मुस्लि’म अल्पसंख्यक समुदाय को बहुत संगठित तरीके से निशाना बनाया गया और बड़े पैमाने पर दं’गा, आ’गज’नी और सीएए के विरोध प्रदर्शनों के दौरान आगजनी और हिं’सा के गवाह बने मुस्लि’म बहुल इलाके के बावजूद कोई भी आगे नहीं आया।

महमूद प्राचा ने कहा कि शहर में सामाजिक सद्भाव को नुकसान पहुंचाने के लिए पुलिस और अन्य असामाजिक त’त्वों के खिलाफ कार्रवा’ई की जाएगी।