VIDEO: दिल्ली पुलिस कहीं स्वयं दं’गाई की भूमिका में थी तो कहीं अपनी निष्क्रियता से दं’गाइयों का हौसला बढ़ा रही थी, रिहाई मंच

लखनऊ: रिहाई मंच ने उत्तर पूर्वी दिल्ली के जाफराबाद, मौजपुर, बाबरपुर और चांदबाग में सीएए, एनआरसी और एनपीआर को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं के खिलाफ चुनाव हार चुके भाजपा नेता कपिल मिश्रा द्वारा प’त्थरबाज़ी और हिं’सा करने के लिए उकसाने और अलीगढ़ में पुलिस द्वारा महिलाओं पर ला’ठीचार्ज और आं’सू गै’स छोड़ने की घटना को राज्य प्रायोजित हिं’सा करार दिया।

रिहाई मंच ने दिल्ली में भाजपा प्रायोजित हिं’सक ह’मलों में पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए गृहमंत्री अमित शाह को सीधे तौर पर ज़िम्मेदार ठहराया है। रिहाई मंच नेता शाहरुख अहमद ने कहा कि देश की राजधानी में 22 फरवरी से ही हिं’सा का माहौल बना दिया गया था और उसी दिन से छुटफुट घटनाएं भी शुरू हो गई थीं।

इस दौरान दिल्ली पुलिस खुद कई जगह स्वंय दंगाई की भूमिका में नज़र आई तो कहीं अपनी निष्क्रियता से दंगाइयों का हौसला बढ़ा रही थी। उन्होंने कहा कि जो दिल्ली पुलिस धारा 144 का ह’वाला देकर शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर अं’धाधुं’ध ला’ठियां बरसाती थी।

उसी की मौजूदगी में हिं’दुत्ववा’दी दं’गाई भी’ड़ आसानी से इकट्ठा हुई और अगले तीन दिनों तक घू’मघू’म कर मुस्लिम आबादियों और राहगीरों पर ला’ठी, डंडे, त’लवा’रों, पेट्रोल ब’मों और अ’ग्नि अ’स्त्रों से ह’मले करती रही।

वही दं’गा’ई भी’ड़ के ह’मले में मा’रे गए रोहित सोलंकी के पिता ने भी दं’गा भड़काने के लिए कपिल मिश्रा का नाम लिया है। रिहाई मंच नेता रवीश आलम ने कहा कि दिल्ली पुलिस ने हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान बताया कि उसने कपिल शर्मा का भड़काऊ वीडियो नहीं देखा।

उसने शायद सोशल मीडिया पर वायरल व्हाटस्एप के वह संदेश भी नहीं देखे जिसमें दं’गाइयों को चांदबाग भेजने, अ’ग्नि अ’स्त्र साथ लाने और मुसलमानों को गो’ली मा’रने की बात कही जा रही थी। उन्होंने कहा कि कपिल शर्मा के भड़काऊ बयानों के बाद शुरू हुई एक तरफा हिं’सक आ’ग में प्रवेश वर्मा और अभय वर्मा सरीखे नेता घी डालते रहे।

उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं का खु’लकर दं’गाई भी’ड़ का मनोबल बढ़ाना और दिल्ली पुलिस का दं’गाई भी’ड़ के प्रति व्यवहार साबित करता है कि सीएए के विरोध और समर्थन के की आड़ में सुनियोजित तरीके से हिं’सा भड़काई गई थी और ऐसा गृह मंत्रालय के मूक समर्थन के बिना संभव नहीं हो सकता।

 

दूरसंचार विभाग के एक अधिकारी अभय वर्मा दिल्ली पुलिस आयुक्त से भाजपा नेता कपिल मिश्रा के भड़काऊ बयान पर शिकायत दर्ज करवाते हैं तो उसे विभाग द्वारा तुरंत निलंबित कर दिया जाता है। यह घटना अपने आप में बहुत कुछ बताती है।

साभार: राजीव यादव (रिहाई मंच)