कोरोना: ग़रीब देशों के लिए मुश्किल घडी में सऊदी और UAE ने दिल खोला, लाखों टन अनाज और इतने मिलियन डॉलर दिए

कोरोना: ग़रीब देशों के लिए मुश्किल घडी में सऊदी और UAE ने दिल खोला, लाखों टन अनाज और इतने मिलियन डॉलर दिए

दुनिया भर में कोरोना की वजह से मनो सब कुछ थम सा गया है. कोरोना के चलते, इस मुश्किल की घड़ी में क्या अमीर और क्या गरीब सभी को परेशान करके रख दिया है. ऐसा लगता है जैसे पूरी दुनिया के बड़े देशों के ट्रेड वार का हम सब शिका’र हो चुकी हैं. इस अजीब बवा ने दुनियाभर मैं लोगों को मुश्किल में डाल दिया है, अब तो यह हालात हो चुके हैं कि लोग बीमारी की वजह से नहीं भुखमरी की वजह से म’र सकते हैं.

कुछेक देशों को छोड़कर, दुनिया भर में ऐसा कोई सा भी देश नहीं है, जिसमें यह कोरोना की बीमारी ना पहुंची हो. और ऐसी असमंजस की स्थिति में कोई देश दूसरे देश की मदद कैसे कर सकता है. जबकि उसकी खुद की हालत ही खस्ता हो, और वह भी किसी बड़े देश से उम्मीद लगाए बैठा हो कि कोई हमारी मदद कर दे.

कोरोना के चलते ऐसी मुश्किल घड़ी में दो देश ऐसे हैं, जिनको गरीब देशों के बारे में ध्यान आया और जिन देशों की हालत दयनीय स्थिति में पहुंच चुकी है, वहां के गरीब लोगों के लिए जो कि भुखमरी से जूझ रहे हैं, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात ने ऐसे गरीब देश के बाशिंदों का पेट भरने का जिम्मा अपने सर लिया है.

सऊदी न्यूज़ एजेंसी के हवाले से खबर है कि, सऊदी अरब ने यूएई के साथ मिलकर बदतर हालात में पहुँच चुके सूडान देश में राहत खाद्य सामग्री पहुंचाने का फैसला किया है, जिसके चलते उन्होंने 5 लाख 40 हज़ार टन गेहूं अनाज भेजने का फैसला किया है.

सऊदी प्रेस न्यूज़ के मुताबिक बुधवार को इस बात की पुष्टि हुई है कि इस राहत सामग्री के जरिए, 3 महीने तक सूडान के लोग अपना पेट भर सकते हैं. इसके अलावा अभी तक इनमे से, 2 लाख 80 हज़ार टन अनाज की सप्लाई की जा चुकी है.

आपको बता दें कि अप्रैल के महीने में ही राष्ट्रपति ओमर अल बशीर को सत्ता से बेदखल कर दिया गया था, जिसके बाद के चलते सूडान के राष्ट्रपति ओमर अल बशीर को अपनी गद्दी से इस्तीफा देना पड़ा था.

इधर सऊदी अरब और यूएई ने संयुक्त जानकारी साझा की है कि सूडान को, 500 मिलियन डॉलर उसके केंद्रीय रिजर्व बैंक में सहायता के रूप में दिए जा चुके हैं.

हालांकि सूडान के राष्ट्रपति ओमर अल बशीर के द्वारा सेना हटाए जाने के बाद, सेना और नागरिक समूह के बीच समझौते को लेकर बातचीत चल रही है, और अभी तक इस वार्ता का क्या सकारात्मक रिजल्ट आया फिलहाल यह गठबंधन अभी मीडिया में खुलकर सामने नहीं आ सका है.

फिलहाल सऊदी अरब और यूएई का सूडान जैसे देश के प्रति अपनी दरियादिली दिखाने का बड़प्पन है. हालांकि इससे पहले भी सऊदी अरब और यूएई कई गरीब देशों में जरूरत पड़ने पर दिल खोलकर अपने मदद के हाथ खोल देते हैं, और क्यों न खोलें हम सभी देशों और लोगों को ज़रुरत पड़ने पर एक दूसरे की मदद करनी भी चाहिए.

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