खाड़ी देशों में कोरोना वायरस का क़हर, सऊदी अरब ने लिया सबसे बड़ा फैसला

कोरोनो वायरस से दुनिया भर में एक ख’तरनाक स्थिति जो म’हामा’री से उत्पन्न हुई है। मध्य पूर्व में पु’ष्टि की गई कोरोनो वायरस मामलों की संख्या 10,000 से अधिक हो गई है, समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक, सबसे ज्यादा प्रभावित ईरान में गुरुवार को 10,075 मामले दर्ज किए गए, जो की 19 फरवरी को 429 मामलों के साथ पहले मामले सामने आने के तीन सप्ताह बाद गुरुवार को 10,075 थे।

डब्ल्यूएचओ के दिशानिर्देशों के अनुसार आवश्यक उपायों को लागू करने के लिए ईरान पूरी कोशिश कर रहा है जैसे कि मानक सं’गरो’ध हासिल करना, सार्वजनिक समारोहों पर प्रतिबंध लगाना और स्कूलों कॉलेज को निलंबित करना।

वही सऊदी अरब ने कोरोना वायर से बढ़ते खतरे के बीच कुछ बड़े फैसले लिए हैं. मीडिया की खबरों के अनुसार, कोरोना वायरस की बढ़ते मामले और आशंकाओं को देखते हुआ सऊदी अरब ने यूरोपीय संघ और 12 अन्य देशों की यात्रा पर प्रतिबंध लगा दिया है।

आपको बता दें सऊदी अरब में पिछले तीन दिनों के भीतर 24 नए कोरोना वायरस के मामले सामने आए, जिससे वहां अब तक 45 लोगों कोरोना वायरस संक्रमित हो चुके हैं।

सऊदी की एक समाचार एजेंसी ने गृह मंत्रालय में एक आधिकारिक स्रो’त का हवाला देते हुए यह जानकारी दी है. कि सरकार ने प्रभावित देशों में रह रहे नागरिकों और निवासियों के पास सऊदी अरब लौटने के लिए मात्र 72 घंटे का समय दिया है।

हलाकि इन सब में वाणिज्यिक और कार्गो यातायात पर किसी भी तरह का प्रतिबंध नहीं है। सऊदी अरब ने पहले ही 19 देशों की यात्रा पर प्रतिबंध लगा दिया था, जिसमें अरब के कई देश शामिल हैं।

साथ ही यह कहा गया है कि ऐसे लोग जो अपनी स्वास्थ्य संबंधी जानकारी और यात्रा विवरण के संबंध में जानकारी नहीं देंगे ऐसा करने वालों पर 500,000 रियाल यानि ($ 133,000) तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

बता दें सऊदी ने कोरोना वायरस से बचने के लिए अन्य उपाय भी अपनाए हैं, जिनमें तदेल उत्पादक क्षेत्र कातिफ को बंद करना भी शामिल है जहां कोरोना वायरस के सबसे ज्यादा मामले सामने आए हैं।

इसके अलावा सऊदी अरब के उठाए अन्य फैसलों में उमरा हज को निलंबित करने, के साथ साथ स्कूलों को बंद करना और देश भर के सिनेमा, सम्मेलनों और खेल आयोजनों को रद्द करना करने का फैसला लिया है।