सऊदी अरब की कंपनी अरामको के पेट्रोल पम्प अब हिंदुस्तान में भी होंगे

मुकेश अंबानी ने सऊदी अरब (Saudi arab) की तेल कंपनी अरामको (Aramco) से बड़ा अनुबंध किया है

सऊदी अरब/ जेद्दाह: दुनियाभर में मशहूर सऊदी अरब (Saudi arab) की तेल कंपनी अरामको (Aramco) आयल एंड रिफाइनरी, जो दुनिया की सबसे ज़्यादा मुनाफ़ा कमाने वाली कंपनी है, उसने मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) की कंपनी आरआईएल ऑइल टु केमिकल कारोबार में 20 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदी ही जिससे दुनिया के सबसे तेज़ी से बढ़ते तेल बाजार में तेल की कमी को पूरा कर पहला स्थान हासिल करने में मदद कि है।

सऊदी अरब जो पारम्परिक रूप से जो भारत का शीर्ष तेल स्त्रोत रहा है यह आरआईएल ऑइल-टु-केमिकल (RIL Oil to Chemical) कारोबार में 20 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने वाले अरामको के साथ बदल जाएगा। अरामको दुनिया कि सबसे बड़ी तेल कंपनी है, जो 75 अरब डॉलर कि कंपनी है यानी अरामको 15 अरब डॉलर का निवेश करेगी.

Saudi Arab Company Now In India

इस डील के ज़रिये सऊदी अरब भारत में बड़ा निवेश करेगा

अरामको और रिलायंस में सऊदी अरब भारत में 50 अरब डॉलर निवेश करेगा इस पर भारतीय तेल कारोबारी और बीजेपी नेता नरेंद्र तनेजा ने कहा कि यह बात मित्रता से कई बढ़ कर है कूटनीति और ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से बहुत अच्छा है।

भारत में रिलायंस के जो पेट्रोल पंप हैं उनमे भी अब अरामको हिस्सेदारी ले रही है. यानी आने वाले वक़्त में भारत में अरामको के पेट्रोल पंप भी देखने को मिलेंगे.

Aramcon and Mukesh Ambani Started Business in India

रिफाइनिंग एंड केमिकल्स के उपाध्यक्ष एलन गेल्डर ने कहा कि 500 000 बी डी की क्रूड आपूर्ति रिलायंस के कच्चे तेल के सेवन का लगभग 40 प्रतिशत हिस्से का प्रतिनिधित्व करती है, जो हिस्सेदारी की तुलना में काफी अधिक है, हालांकि सऊदी अरामको ने ऐतिहासिक रूप से रिलायंस के कच्चे तेल की ज़रूरतों के 20 प्रतिशत हिस्से कि आपूर्ति की है।

सऊदी अरेबियन कंपनी अरामको भारतीय बाज़ार में उम्मीदें तलाश रही है

गेल्डर ने कहा कि यह सौदा इस बात का सबूत है कि सऊदी अरामको अपनी रिफाइनिंग और पेट्रोकेमिकल क्षमता बढ़ाने के लिए अपनी दीर्घकालिक रणनीति पर अमल कर रहा है। उन्होंने कहा कि सऊदी अरामको भारतीय बाजार तक पहुंचने में गहरी दिलचस्पी दिखा रहा है, जिसमें दीर्घकालिक विकास की सबसे मजबूत संभावनाएं हैं।

2018-19 के राजकोषीय खुफिया और सांख्यिकी महानिदेशालय के आंकड़ों को बताते हुए सऊदी अरब ने कहा कि वित्त वर्ष में 40.33 मिलियन टन कच्चे तेल का निर्यात किया गया था, जो इराक द्वारा बेचे गए 46.61 मिलियन टन से 15% कम था।

Aramco Petrol Pump

रिलायंस सौदे के बाद अतिरिक्त तेल की आपूर्ति सऊदी अरब को फिर से शीर्ष स्थान पर पहुंचा देगी। लंबे समय तक भारत सबसे ज़्यादा तेल इराक से खरीदता रहा है. सऊदी हमेशा से नंबर दो पर रहा है लेकिन रिलायंस और अरामको के बीच इस एग्रीमेंट के बाद भारत के तेल बाज़ार में सऊदी और रिलायंस का एकाधिकार होगा।

O2C व्यवसाय में रिलायंस की रिफाइनिंग और पेट्रोकेमिकल डिवीजन शामिल हैं, जो ईंधन वितरण व्यवसाय में 51 प्रतिशत की हिस्सेदारी है बाकी बचे 49 प्रतिशत ईंधन और वितरण के इस व्यवसाय में 1,400 पेट्रोल पंप और 31 हवाई अड्डों पर विमानन ईंधन की सुविधा शामिल है, जिसे 7000 करोड़ रुपये में बीपी को बेच दिया गया है।

इस निवेश के ज़रिये सऊदी अरब दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल उत्पादक देश बन जायेगा

हालांकि सौदे की शर्तों को अभी अंतिम रूप नहीं दिया गया है, लेकिन रिलायंस ने सोमवार को अपने अध्यक्ष मुकेश अंबानी ने यह घोषित किया है कि उद्यम मूल्य के आधार पर, बिक्री बंद होने पर 20 प्रतिशत हिस्सेदारी के लिए कुछ ऋण समायोजन सहित लगभग 15 बिलियन अमरीकी डालर मिलेंगे।

सऊदी अरब दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते ईंधन बाजार में अपना पैर ज़माना चाहता है और उसे ऐसा करने में दिक्कत इसलिए भी नहीं आएगी क्यूंकि पेट्रोकेमिकल बनाने के लिए उसके पास कच्चे माल के रूप में कच्चा तेल भरपूर मात्रा में उपलब्ध है सऊदी अरब इस बड़े निवेश के ज़रिये दुनिया में तीसरा सबसे बड़ा तेल उत्पादक बनके उभरेगा।

वहीँ कुवैत भी इस तरह के निवेशों के ज़रिये अपनी परियोजनाओं में निवेश करने का सोच रहा है वहीँ दूसरी तरफ सऊदी अरामको भी भारत में खुदरा बिक्री के लिए उत्सुक है.

यहाँ भारत में सऊदी कि एक रिफाइनरी यूरोप और अमेरिका जैसे घाटे वाले देशों के लिए ईंधन करने के आधार पर हो सकती है भारत की शोधन क्षमता 247.6 मिलियन टन है जो 206.2 मिलियन टन की मांग से अधिक है।