सऊदी का रमज़ानी तोहफ़ा- इन 35 देशों में ‘तरावीह’ पढ़ाने भेजे जाएंगे 70 सऊदी इमाम

रमज़ान के पाक महीने को देखते हुए सऊदी अरब ने तैयारियां जोरो शोरो से से चल रही है. इसी बीच सऊदी अरब ने एक बड़ा फैसला लिया है जिसकी सभी तरह जमकर तारीफें की जा रही है. सऊदी अरब के इस्लामिक मामलों के मंत्री कॉल एंड गाइडेंस अब्दुल्लातिफ अल-अशेख ने जानकारी देते हुए बताया कि रमज़ान के पाक और बरकती महीने को देखते हुए एक बड़ा फैसला लिया है.

सऊदी अरब ने इस पाक महीने के लिए दुनिया के 35 देशों में तरावीह (ईशा के बाद) और तहाज्जुद (देर रात) की नमाज़ के लिए 70 इमामों के प्रतिनिधिमंडल को जाने की मंजूरी प्रदान कर दी है.

वहीं सऊदी मीडिया के अनुसार 70 इमामों के प्रतिनिधिमंडल रमजान के दौरान दुनिया के दूसरे देशों में इमामों को भेजने और मुसलमानों को उनके धर्म के बारे में बताएगा. आपको बता दें कि यह काम सऊदी अरब का इस्लामिक मंत्रालय हर रमजान पर करना रहा है.

इसे लेकर मंत्री ने कहा कि यह हर जगह मुसलमानों की देखभाल और समर्थन करने के लिए सऊदी के संदेश का एक हिस्सा है. उन्होंने कहा कि यह प्रतिनिधित्व मंडल मुसलमानों को मार्गदर्शन प्रदान करेंगे उन्हें इस्लाम के सच्चे सिद्धांतों की व्याख्या करेंगे और उन्हें सभी मामलों में विश्वास के उदार दृष्टिकोण के बारे में बताएंगे.

इमामों के प्रतिनिधिमंडल में शामिल सभी इमाम शरिया कॉलेजों से आए है. वे सभी इस्लाम धर्म में पारंगत हैं और कुरान को याद किया है. उन्होंने कहा कि ये युवा इमाम अच्छे प्रचारक हैं जो स्पष्ट रूप से मुसलमानों को इस्लाम की व्याख्या कर सकते हैं और कलाम-ए-पाक पढ़ कर सुनाएंगे.

अल-अशेख ने कहा है कि मस्जिद आमतौर पर रमजान के महीने में रोज़ेदारों और नमाज़ियों से भर जाती है, इसलिए इमामों के लिए यह एक महत्वपूर्ण मौका होता है कि वो उन्हें मार्गदर्शन और ज्ञान प्रदान करने में अपना समय निवेश करें. यह इमाम इस्लाम के उदारवादी संदेश का प्रसार करेंगे. साथ ही साम्राज्य और मेजबान देशों के बीच संबंधों को मजबूती देंगे.