CRPF लगाकर कराई निज़ामुद्दीन बस्ती में स्क्रीनिंग, कोई पॉज़िटिव नहीं निकला

नई दिल्ली: निज़ामुद्दीन बस्ती और आसपास के इलाकों में सघन डोर-टू-डोर स्क्रीनिंग कराई गई है. तीन दिवसीय अभ्यास के दौरान डॉक्टरों नर्सों, एनजीओ स्वयंसेवकों और सुरक्षा कर्मियों की 13 टीमों ने 7,000 से अधिक लोगों को कवर करते हुए 1,900 से अधिक घरों की जाँच की दर्जनों सीआरपीएफ जवानों और नागरिक सुरक्षा कर्मियों को यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिनियुक्त किया गया था।

दरअसल, शुक्रवार को एनपीआर सर्वे के डर से कोरोना स्क्रिनिंग और डिटेल साझा करने से मना कर दिया था, रविवार को उनकी दोबारा स्क्रिनिंग की गई। इस दौरान भी कई लोग स्क्रिनिंग करने से मना कर रहे थे। डॉक्टरों की टीम के साथ कोई दुव्यर्वहार न करें, इसके लिए पुलिस और सिविल डिफेंस के वॉलंटियर भी उनके साथ रहे।

डॉक्टरों की टीम में साउथ एमसीडी के डॉ. अंबर, डॉ. दीपा, डॉ. सौरभ और डॉ. ममता शामिल रहीं एमसीडी हेल्थ विभाग के डॉक्टरों के अनुसार निजामुद्दीन स्थित मरकज बिल्डिंग में ठहरे हुए लोगों के संपर्क में निजामुद्दीन बस्ती के करीब 250 परिवारों के लोग आए थे। करीब 2000 लोगों की लिस्ट तैयार की गई है। लेकिन कोई मामला सामने नहीं आया।

वही दक्षिणी दिल्ली नगर निगम के एक अधिकारी ने कहा कि ऐसे घरों की एक अलग सूची तैयार की गई है और आगे की कार्रवाई के लिए रोग निगरानी अधिकारी को प्रस्तुत की जाएगी। कुछ घरों में ताला भी लगा था।

संयुक्त सर्वेक्षण टीम के एक सदस्य ने कहा कि उन्हें परिवार के मुखिया के नाम जैसे जानकारी एकत्र करने के लिए भेजा गया था, किसी भी फ्लू जैसे लक्षण जैसे खांसी और बुखार, एक परिवार में लोगों की संख्या, उनके यात्रा इतिहास और फोन नंबर सहित संपर्क विवरण।