VIDEO: मुसलमानों को पाकिस्तान भेजने की बात से तिलमिला गए शाहनावज़ हुसैन कहा- किसी के बाप में…

नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी में कई मुस्लिम नेता काम करते हैं लेकिन देशभक्ति की बातें करने की वजह से कट्टरपंथी मुस्लिम उन्हें मुस्लिम नहीं मानते, जब भी कोई बीजेपी नेता मुस्लिमों को पाकिस्तान भेजने का बयान देता है तो कट्टरपंथी मुस्लिम बीजेपी में काम करने वाले मुस्लिमों को मुस्लिम मान लेते हैं और उन्हें फोन करके, ट्विटर और फेसबुक पर पूछने लगते हैं कि आप भी तो मुस्लिम हैं, आप पाकिस्तान कब जा रहे हैं।

वही भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और पूर्व साँसद सय्यद शाहनवाज़ हुसैन ने मुसलमानों को पाकिस्तान भेजने की वाले नेताओं पर नाराजगी का इज़हार किया है, तथा इस बात की कड़े शब्दों में निंदा भी करी है। सैय्यद शाहनवाज़ हुसैन ने कहा कि यहां आए दिन मुसलामानों को पाकिस्तान भेजने की धमकी दी जाती है।

मैं मुस्लिम भाईयों से कहना चाहता हूं कि देश का संविधान और कानून इसकी इजाजत नहीं देता। भाजपा प्रवक्ता ने कड़े लहजे में कहा कि किसी नेता की औकात नहीं है कि वह एक भी मुसलमान को पाकिस्तान भेज सके।

सैय्यद शहनवाज़ ने कहा कि हिन्दुस्तान से अच्छा देश और यहां से अच्छा दोस्त नहीं मिल सकता। उन्होंने कहा कि देश में सच्चा सौहार्द उस दिन आएगा जब मुसलमान हिन्दू की थाली मे साथ बैठकर खाएगा और हिन्दू भी मुसलमान की थाली मे साथ बैठकर खाने में परहेज नहीं करेगा।

सैय्यद शाहनावज़ हुसैन ने उत्तर प्रदेश में लोकसभा चुनाव के लिए सपा-बसपा गठबंधन पर कटाक्ष करते हुए कहा कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को हर चुनाव मे अपनी साईकिल पर किसी न किसी को बैठाने की आदत है। विधानसभा चुनाव मे उन्होंने साईकिल पर राहुल गांधी को बिठाया था तो साईकिल पंक्चर हो गई थी, इस बार तो उन्होंने हाथी बैठा लिया है साईकिल का रिम ही टूट जाएगा।

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Posted by MD Saddam on Tuesday, January 15, 2019

शहनवाज हुसैन ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा दुबई के आबूधाबी मे भारत के बारे में की गई टिप्पणी को दु:खद बताया है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी द्वारा यह कहना कि भारत मे असहिष्णुता ज्यादा है और वहां भीड़ लोगों को मार रही है, सही नहीं है। एक-दो घटनाएं घटी हैं, लेकिन उनकी संख्या नगण्य है और इन घटनाओं पर कानूनी कार्रवाई की गई है।

उन्होंने कहा कि यहां किसी को इसकी इजाजत नहीं दी जा सकती है। हुसैन रविवार देर शाम यहां मंकर संक्रांति समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद हिन्दुस्तान का बंटवारा धार्मिक आधार पर हुआ था।

मुसलमानों के सामने हिन्दुस्तान में रहने और पाकिस्तान जाने का खुला विकल्प था। जिन मुसलामानों को धर्म प्यारा था वे पाकिस्तान चले गए और जिन्हें देश प्यारा था वे हिन्दुस्तान में रह गए।