अमेरिकी वैज्ञानिकों का दावा, दाढ़ी इंसान को कई तरह की खतरनाक बीमारियों से बचाव करती है- रिपोर्ट

दोस्तों कुछ लोगों का दावा है कि दाढ़ी आपको न सिर्फ चेहरे पर एक अलग तरह की इरिटेशन, उलझन को जन्म देती है. बल्कि कुछ लोगों का मन्ना तो यहाँ तक है की दाढ़ी में ऐसे अनचाहे बेक्टेरिया और बग भी पनपते हैं जो किसी भी इन्सान के स्वास्थ्य के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकते हैं. यानी दाढ़ी हमारी सेहत के लिए हानिकारक होती है?. इस तरह का लोगों में भ्रम पाया जाता है. इसी तरह की ख़बरों के चलते लोगों में दाढ़ी को लेकर एक अलग तरह का भय जैसा बना रहता है.

इस्लाम के लिहाज से भी दाड़ी रखना सुन्नत माना गया है. हालांकी बहुत कम, मतलब न के बराबर लोग ही इनके फायदों के बारे में जानते होंगें. इस्लाम के हिसाब से जितने भी काम करने के तरीके बताये गए हैं उनका कोई न कोई वैज्ञानिक कारन ज़रूर रहा है. जैसे गुसल करने से पहले वुजू बनाना, ब्रेन हैमरेज के खतरे को कम करता है. इस तरह से और भी कई तरह के फायदे हैं.

Dadi rakhne ke fayde american research

 

दाढ़ी रखने के फायदे

आपको बता दें कि उनके इस भय को कुछ दिन पहले न्यूयॉर्क में हुए एक शोध ने और अधिक बल दे दिया था, जिसमें कहा गया था कि घनी दाढ़ी में हमेशा बैक्टीरिया का मल मौजूद रहता है. और ऐसा भी बताया गया कि कुछ लोगों की घनी दाढ़ी में एक टॉयलेट सीट से भी ज्यादा बैक्टीरिया पाए जाते हैं.

लोगों की इस ग़लतफ़हमी को अमेरिका में हुयी एक रिसर्च ने पूरी तरह से नकार दिया है. इस जाँच में दाढ़ी के हैरान कर देने वाले फायदे बताये हैं. अमेरिका के एक अस्पताल में इस शोध को किया गया था और इस खबर को सबसे पहले जर्नल्स ऑफ हास्पिटल इन्फेक्शन में प्रकाशित किया गया था. दाढ़ी के इस लेख को आप BBC डॉट कॉम पर भी ये सर्च करके देख सकते हैं. ‘Are beards good for your health?’

इस दौरान उन्होंने हॉस्पिटल के करीब 408 स्टॉफ के चेहरे को क्लीन शेव किया था. ऐसा करने की एक ख़ास वजह ये भी थी कि अस्पताल एक ऐसी जगह होती है जहां पर इन्फेक्शन और हानिकारक बेक्टेरिया सबसे ज्यादा पाए जाते हैं.

अस्पताल ही एक ऐसी जगह होती है, जहां एक हाथ से दुसरे हाथ तक आसानी से बैक्टीरिया जा सकते हैं. इसके अलावा कुछ और चीज़ें जैसे सफेद कोट, टाई और मेडिकल इक्विपमेंट इन सभी को बैक्टीरिया के संक्रमण वहां के लिए जिम्मेदार ठहराया जा सकता है.

The beared

लेकिन दाढ़ी के बारे में लोग कम ही बोलते हैं. शोधकर्ता यह जानकर हैरान रह गए कि क्लीन शेव लोगों को दाढ़ी रखने वालों की तुलना में चेहरे पर थोड़ा अजीब सी अनचाही तकलीफ महसूस हुई. जिन लोगों ने दाढ़ी नहीं रखी थी उनके क्लीन शेव चेहरे पर मिथाइसिलिन रेसिसटेंस स्टॉफ एनारस के होने की तीन गुना ज्यादा संभावना पाई गई.

यह अस्पताल में एक आम परेशानी और मुश्किल का स्त्रोत होता है. क्योंकि यह तमाम एंटीबायोटिक्स के लिए प्रतिरोधकता रखता है. शोधकर्ताओं ने माना कि शेव्ड चेहरे पर ऐसी सूक्ष्म खरोचें होती हैं, जो बैक्टीरिया को पनपने का पर्याप्त स्थान दे देती हैं. लेकिन दाढ़ी ऐसे बैक्टीरिया से होने वाले संक्रमण से रोककर उनका बचाव करती है.

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