रिकॉर्ड: चौथी बार बांग्लादेश की प्रधानमंत्री बनेंगी शेख हसीना, विपक्ष को मिलीं सिर्फ इतनी सीटें

ढाका: बांग्लादेश में रविवार को हिंसा के बीच हुए आम चुनाव में प्रधानमंत्री सेख हसीना की पार्टी आवामी लीग पार्टी को शानदार जीत हासिल हुई है। खुद प्रधानमंत्री शेख हसीना ने गोपालगंज निर्वाचन क्षेत्र से एक तरह से निर्विरोध चुनाव जीत गयीं। उन्हें 2,29,539 वोट मिले जबकि मुख्य प्रतिद्वंद्वी बीएनपी के उम्मीदवार को महज 123 वोट मिले। चुनाव आयोग ने शाम में आधिकारिक तौर पर हसीना की जीत की घोषणा की।

प्रधानमंत्री सेख हसीना की पार्टी अवामी लीग ने 300 में से 260 सीटों पर जीत दर्ज की। वहीं, इसकी मुख्य सहयोगी जतिया पार्टी को 21 सीटें मिलीं। वनडे टीम के कैप्टन मशरफे मुर्तजा ने भी अवामी लीग के टिकट पर चुने गए। प्रमुख विपक्षी दल नेशनल यूनिटी फ्रंट (एनयूएफ) और इसके सहयोगी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) महज 7 सीटों पर सिमट कर रह गई।

स्थानीय मीडिया ने बताया कि दो सीटों पर स्वतंत्र उम्मीदवार जीते। एक उम्मीदवार की स्वाभाविक मृत्यु के कारण एक सीट पर चुनाव स्थगित कर दिया गया था। चुनाव आयोग ने शाम को आधिकारिक तौर पर हसीना की जीत की घोषणा की। वहीं चुनाव से जुड़ी हिंसा में कम से कम 17 लोगों की मौत हो गई जबकि विपक्ष ने धांधली के आरोप लगाते हुए फिर से चुनाव कराने की मांग की है।

शुरुआती नतीजों में अवामी लीग के नेतृत्व वाले महागठबंधन की जीत का संकेत मिलने के बाद एनयूएफ के संयोजक और वरिष्ठ वकील कमल हुसैन ने संवाददाताओं से कहा, हम नतीजों को खारिज करते हैं और निष्पक्ष सरकार के तहत नए सिरे से चुनाव कराने की मांग करते हैं।’

हुसैन गोनो फोरम पार्टी के प्रमुख हैं। हुसैन ने चुनाव आयोग से अनुरोध किया, ‘हम आपसे इस चुनाव को तुरंत रद्द करने की मांग करते हैं।’ उन्होंने दावा किया, हमें खबर मिली है कि सभी मतदान केंद्रों पर फर्जीवाड़ा हुआ है।

चुनाव आयोग के अधिकारियों ने बताया कि देशभर में हिंसा की 100 शिकायतें मिली हैं। बताया जा रहा है कि मरने वालों में ज्यादातर सत्ता पार्टी के कार्यकर्ता हैं।