जामिया छात्रों के समर्थन में उतरी शिवसेना, हम’लावर होते हुए बोले संजय राउत कहा- अगर किसी और की सरकार होती तो…

महाराष्ट्र: नागरिकता संशोधन कानून (CAA) पर देश के कई राज्यों में लगातार हिं’सक प्रदर्शन हो रहे हैं। यूनिवर्सिटी कैंपस भी इससे अछूते नहीं हैं। देश के कई विश्‍वविद्यालय के छात्र भी इस विरोध-प्रदर्शन में कूद पड़े हैं। इस बीच, शिवसेना ने भी अपने तेवर सख्‍त कर लिए हैं। पार्टी के वरिष्‍ठ नेता और सांसद संजय राउत ने मौजूदा हालातो पर तीखा बयान देते हुए उन्‍होंने कहा कि असम की आग दिल्‍ली पहुंच गई है। इसको लेकर सरकार को छात्रों से बातचीत करना चाहिए।

बता दें दिल्ली के जामियानगर इलाके में प्रदर्शन का मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। देशभर की अलग-अलग यूनिवर्सिटी के छात्र जामिया स्टूडेंट्स के समर्थन में उतर आए हैं और अब शिवसेना ने भी जामिया छात्रों का समर्थन किया है. इतना ही नहीं शिवसेना ने सरकार की भी तीखी आलोचना की है।

हम’लावर हुए संजय राउत, कहा- असम की आ’ग दिल्‍ली पहुंची

पार्टी के वरिष्‍ठ नेता और सांसद संजय राउत ने कहा है कि सरकार को स्टूडेंट्स की बात सुननी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर नागरिकता कानून में कुछ खामिया हैं तो सबसे बात कर उन्हें दूर किया जा सकता था तो आज ये आ’ग नहीं लगती।

शिवसेना नेता यही नहीं रुके उन्होंने ने सरकार की तीखी आलोचना करते हुए कहा कि अगर किसी और की सरकार होती तो हम सरकार को पी’ट देते. वहीं, राउत ने कहा कि देश चलाने वाले हमारे नेताओं का यह कहना कि छात्र पाकिस्तान की भाषा बोल रहे हैं यह सही नहीं है। राउत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हिं’सा पर सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की है।

आपको बता दें कि दक्षिण दिल्ली इलाके में मौजूदा जामिया मिल्लिया यूनिवर्सिटी के छात्र नागरिकता संशोधित कानून के खिला’फ लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे है। इस प्रदर्शन ने रविवार (15 दिसंबर) शाम उस वक्त हिं#सा का रूप ले लिया जब दिल्ली पुलिस ने जामिया कैंपस के अंदर घुसकर भी छात्रों को बु’री तरह पी’टा जिसके बाद न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी में डीटीसी की बस को आग के हवाले कर दिया गया। हलाकि छात्रों का आरोप है कि इस हिं#सा में वो शामिल नहीं थे।

लेकिन इस मामले पर दिल्ली पुलिस का कहना है कि हिं#सा फैला रहे लोगों को खेदड़ने के लिए उसकी तरफ से कार्रवाई की गई. पुलिस ने इस कार्रवाई में 50 छात्रों को भी हिरासत में लिया था. लेकिन छात्रों को छोड़ने की मांग के साथ आईटीओ स्थिति दिल्ली पुलिस हेडक्वार्टर के बाहर देर रात भारी संख्या में लोग विरोध प्रदर्शन करते रहे और तड़के करीब 4 बजे सभी छात्रों की रिहा किया गया।