मुसलमा’नो को 5% आरक्षण देने की मांग पर तैयार हुई शिवसेना, सावरकर को भारत रत्न देने…

नई दिल्लीः महाराष्ट्र में सरकार बनाने को लेकर शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस में बातचीत जारी है. हाल ही में केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने एक बयान में शिवसेना पर गठबंधन खत्म करने का आरोप लगाया था। तो वहीं शाह के बयान के एक दिन बाद ही यानि कि गुरुवार को शिवसेना ने कांग्रेस और एनसीपी के साथ सरकार बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।

आपको बता दें शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस में बातचीत के बाद तीनों ही पार्टियों ने न्यूनतम साझा कार्यक्रम (CMP) का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। अब ये ड्राफ्ट तीनों ही पार्टियों के अध्यक्ष को भेजा जाएगा। पार्टी अध्यक्षों से हरी झंडी मिलने के बाद राज्य में शिवसेना-कांग्रेस-एनसीपी गठबंधन की सरकार बनाने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।

बता दें कि महाराष्ट्र में सरकार बनाने के लिए शिवसेना के साथ गठबंधन पर चर्चा करने के लिए बुधवार को कांग्रेस व शरद पवार की अगुवाई वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) ने न्यूनतम साझा कार्यक्रम (सीएमपी) को अंतिम रूप देने के लिए एक कमेटी बनाने का फैसला किया था।

वही सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस और एनसीपी ने बैठक के दौरान शिवसेना से मुस्लि’मों को शिक्षा के क्षेत्र में 5% आरक्षण देने की मांग पर राजी हो गई है। यह योजना पूर्ववर्ती कांग्रेस और एनसीपी सरकरार के कार्यकाल में शुरु की गई थी, लेकिन सरकार बदलने के साथ ही यह योजना लागू नहीं हो सकी थी।

अगर ऐसे में शिवसेना-कांग्रेस और एनसीपी का गठबंधन वाली सरकार बनती है तो इस योजना फिर से लागू किया जायेगा। इसके साथ ही न्यूनतम साझा कार्यक्रम के तहत शिवसेना, वीर सावरकर को भारत रत्न देने की अपनी मांग से भी पीछे हट सकती है।

वही महाराष्ट्र में चुनाव से पहले कांग्रेस और एनसीपी ने अपने चुनावी घोषणापत्र में कुछ वादे किए थे, जैसे किसानों का लोन माफ करना, 10 रुपए में खाना, बेरोजगार युवाओं को मासिक भत्ता, नई इंडस्ट्री में स्थानीय युवाओं का नौकरी के लिए कोटा आदि भी न्यूनतम साझा कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं।