महाराष्ट्र में कांग्रेस-एनसीपी के साथ शिवसेना का गठबंधन, इस मुस्लि’म नेता ने दिया बड़ा बयान

मुंबई: महाराष्ट्र में पिछले कई दिनों से चले आ रही सियासी उठापठक के बीच कल मंगलवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने यह इस्तीफा उपमुख्यमंत्री अजित पवार के इस्तीफे के बाद दिया। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस्तीफे का ऐलान करते हुए देवेंद्र फड़नवीस ने कहा कि जनादेश बीजेपी और शिवसेना के महागठबंधन को मिला था। लेकिन चुनाव के बाद शिवसेना ने हमें धोखा दिया। फड़नवीस ने आगे कहा, हमने जोड़-तोड़ की कोई राजनीति नहीं की। एनसीपी विधायक दल के नेता अजित पवार खुद हमारे पास आए थे और हमें समर्थन देने का ऐलान किया था।

वही राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) ने मंगलवार को कहा कि शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे महाराष्ट्र के अगले मुख्यमंत्री होंगे. उन्होंने दावा किया कि देवेंद्र फडणवीस सरकार के इस्तीफे से भाजपा का घमं’ड चूर-चूर हो गया. राकांपा के मुख्य प्रवक्ता नवाब मलिक ने बताया कि शिवेसना, राकांपा और कांग्रेस के नेता जल्द ही बैठक कर राज्यपाल से मुलाकात करेंगे।

NCP नेता नवाब मलिक ने कहा की 25 साल चलेगा शिवसेना-NCP और कांग्रेस गठबंधन

पत्रकारों से बात करते हुए NCP नेता नवाब मलिक ने शिवसेना-NCP-कांग्रेस गठबंधन के 20-25 साल चलने का दावा किया। उन्होंने कहा कि शिवसेना-NCP-कांग्रेस गठबंधन 25 साल चलेगा। इसके अलावा उन्होंने कहा कि इन तीनों पार्टीयों शिवसेना-NCP-कांग्रेस की सरकार जनता की सरकार होगी, जो पांच साल चलेगी।

नवाब मलिक ने आगे कहा कि अब बीजेपी के अंत की शुरुवात हो गई हैं। महाराष्ट्र ने बीजेपी के अंहकार को तोड़ा है। मलिक ने कहा कि महाराष्ट्र के चाण्क्य शरद पवार ने दूसरे चाण्क्यों को हरा दिया है। वही बीजेपी पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि आज सुबह कोर्ट का फैसला आने के बाद तय हो गया था कि बीजेपी के पास नंबर नहीं थे।

हॉर्स ट्रेडिंग करने के लिए बीजेपी ने सब किया। जब बीजेपी को लगा कि अब वह अपनी चाल में कामयाब नहीं हो पाएंगे, तब जाकर देवेंद्र फडणवीस ने मुख्यमंत्री पद और अजित पवार ने उपमुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया। नवाब मलिक ने कहा कि नेता का चुनाव करने के बाद सरकार बनाने के लिए राज्यपाल के पास जाएंगे।

आपको बता दें 288 सीटों वाली महाराष्ट्र विधानसभा के लिए हुए चुनाव में बीजेपी को 105, शिवसेना को 56, एनसीपी को 54, कांग्रेस को 44 और अन्य को 29 सीटों पर जीत मिली थी। महाराष्ट्र में सरकार बनाने के लिए 145 विधायकों का समर्थन जरूरी है।