VIDEO: सपा में दमदार छवि रखने वाले शिवपाल और मुख्तार अंसारी को पार्टी में लाने की उठी मांग, देखिए

प्रयागराज: लोकसभा चुनाव में मिली हार के बाद गठबंधन से अलग होकर उपचुनाव लड़ने जा रहे समाजवादी पार्टी SP के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव अब अपने पिता मुलायम सिंह की राह पर चलेंगे. यूपी में 12 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव के लिए वो मुलायम की रणनीति पर काम करेंगे. दरअसल मुलायम सिंह ने समाजवादी पार्टी को जिस मुकाम पर पहुंचाया उसमें उनकी संपर्क संवाद और संघ’र्ष की रणनीति अहम थी. अब यह कहा जा रहा है की अखिलेश पिता मुलायम के इसी रास्ते पर चलेंगे।

बता दें समाजवादी पार्टी की करारी हार के बाद कार्यकर्ताओं में बेरुखी है इसके चलते शिवपाल सिंह यादव को दोबारा से पार्टी में बुलाने की मांग उठने लगे हैं. प्रयागराज में लगाए गए पोस्टर में दमदार छवि रखने वाले नेताओं को दोबारा पार्टी में जोड़ने की मांग की गई है. पोस्टर में लिखा है- सपा में है नमी शिवपाल राजा भैया मुख्तार अंसारी और अतीक औऱ विजय मिश्रा की है कमी।

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आपको बता दें कि साल 2016 में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव के परिवार में राजनीतिक झग’ड़ा हो गया था. इस झगड़े के बाद अखिलेश यादव और रामगोपाल यादव ने मिलकर पार्टी मुलायम सिंह यादव को अध्यक्ष पद से हटा दिया था. साथ ही शिवपाल सिंह यादव से भी यूपी प्रदेश अध्यक्ष का पद छिन लिया था

2017 के यूपी विधानसभा चुनाव में अखिलेश यादव ने कांग्रेस के साथ गठबंधन किया था, जिसके बाद उनकी करारी हार हुई थी. इसके बाद 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी से लड़ने के लिए अखिलेश यादव ने मायावती और अजित सिंह से भी हाथ मिला लिया था. इस गठबंधन के बाद भी सपा को करारी हार मिली है. सपा 2014 के लोकसभा चुनाव की तरह ही 2019 में भी पांच सांसद ही जिता पाई.

हाल ही में 2019 लोकसभा चुनाव के दौरान शिवपाल सिंह यादव अलग पार्टी बनाकर मैदान में उतरे थे, जिसके चलते करीब 30 लोकसभा सीटों पर सपा-बसपा गठबंधन को सीधा-सीधा नुकसान हुआ था. चुनाव परिणाम आने के बाद से शिवपाल सिंह यादव सहित अन्य पुराने नेताओं को सपा में लाने की मांग उठ रही है.