शिवपाल यादव करने जा रहे हैं ओवैसी से गठबंधन, और कुछ बड़े मुस्लिम दल मिलकर उत्तर प्रदेश की राजनीती बदलेंगे

उत्तर प्रदेश: अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के पूर्व अध्यक्ष फैज़ुल हसन जो कि हाल ही में प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया में शामिल हुए हैं| फैज़ुल हसन ने एक न्यूज़ पोर्टल से बातचीत के दौरान बताया कि आगामी 2019 के उत्तर प्रदेश लोकसभा चुनाव में सपा और बसपा के अलावा भी अन्य छोटे मोटे दलों के साथ मिलकर चुनाव लड़ा जायेगा| फैज़ुल हसन ने न्यूज़ पोर्टल को जानकारी देते हुए बताया कि हमारी पार्टी ऑल इंडिया मजलिस ऐ इत्तेहादुल मुस्लिमीन और राष्ट्रीय उलेमा काउंसिल के अलावा दूसरी कई पार्टियों के साथ शीर्ष नेतृत्व कर गठबन्धन कर सकतीं हैं|

आपको बता दें कि जब से ये खबर मीडिया में आयी है तो इस गठबन्धन की सुगबुगाहट से उत्तर प्रदेश के हाल ही में हुए महा गठबन्धन को एक तगड़ा झटका सा लगने जा रहा है| क्योंकी अगर इनके द्वारा छोटे दलों और पार्टियों को साथ लाने में काम्याभी हासिल होती है तो ऐसे में सपा-बसपा को वोटों का नुकसान होना संभव है|

इसके ज़रिये शिवपाल यादव एक तरह से अल्पसंख्यक वोटों में सेंध लगा सकते हैं| फैजुल हसन ने बताया है कि ये एक तरह से तीसरा महा गठबंधन होने जा रहा है और ये 2019 का लोकसभा चुनाव कांटे की टक्कर का होगा|

ख़बरों के अनुसार शिवपाल यादव का असदुद्दीन औवेसी के साथ आना लगभग तय हो चुका है| और इसके अलावा राष्ट्रीय उलेमा काउंसिल की तरफ से भी हरी झंडी मिल गयी है| और अब ये कोशिश की जा रही है कि इस गंठबंधन में कांग्रेस को कैसे साथ लाया जाए|

फैजुल हसन बताते हैं कि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को लेकर फिलहाल इस मामले में कांग्रेस पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं से बातचीत जारी है| अगर यहाँ बात बंटी है तो इस लोकसभा चुनाव में ये एक बड़ा गठबंधन बनके सामने आएगा और ये भाजपा अकेले कि नहीं, बल्कि सपा और बसपा पर भी भारी पड़ सकता है|

कौन है फैजुल हसन?

दोस्तों फैजुल हसन अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं| फैजुल रेल रोको आंदोलन के बाद से चर्चा में आये थे| इसके अलावा इनकी मुस्लिम समाज में और अन्य राजनैतिक पार्टियों तथा संगठनों के साथ पकड़ भी है| और अभी अभी ये शिवपाल यादव की पार्टी ‘प्रगतिशील समाजवादी’ में भी शामिल हुए हैं|