जब मोमीनों की हिफाज़त की ख़ातिर सिख समुदाय ह’थियारों से लेस होकर आया सामने

मामला पंजाब के शहर पघवर की है जहाँ शिव सेना के कुछ कार्यकर्ता शुक्रवार को अल्पसंख्यक समुदाय के लोगो से झगड़ गए थे जिसने बाद इस घटना ने हिं’सा का रूप ले लिया. और अगर वक़्त रहते इस मामले को न संभाला गया होता तो पता नहीं कितनी हिं’सा हो सकती थी।

हिन्दुतान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक मुस्लिम समुदाय और शिव सेना के कार्यकर्ताओं के मध्य हुई इस सम्प्रदियक हिं’सा में दो पुलिसकर्मी सहित सात लोग घायल हो गए. गौरतलब करने वाली बात यह रही कि शिव सेना और मुस्लिम समुदाय के मध्य हुई इस हिं’सा में सिख्खो ने मुसलमानो का साथ दिया।

सिख लोगों ने उपद्रवियों के नापाक इरादों पर फेरा पानी– क्रांति की शुरुआत हो चुकी है

दरअसल हुआ ये की बुधवार को राइट-विंग के नेताओं ने कश्मीर में चल रही हिंसा के लिए अमरनाथ यात्रा व्यवधान के खिलाफ एक विरोध प्रदर्शन किया था और ये लोग मुस्लिम समुदाय के लोगो की दुकान को जबरन बंद करने की मांग करने लगे थे।

इसके बाद कुछ अल्पसंख्यक समुदाय के लोगो ने इस रवैये के खिलाफ शुक्रवार को जुमा नमाज़ अदा करने के बाद वहां राज्य के प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपने और मामले की जानकारी देने की बात कही. और साथ ही इस घटना के खिलाफ करवाई की मांग की।

बताया जा रहा है कि शुक्रवार को नमाज़ के बाद शिव सेना के कार्यकर्त्ता मस्जिद के बाहर इखट्टा हो गए. जिसके बाद उन्होंने पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लागए. मामले को बढ़ता देख सिख समुदाय के कुछ लोगो हथियारों से लैस मुस्लिम समुदाय के लोगो के समर्थन में खड़े हो गए।

इस घटना के बाद मस्जिद के इमाम ने बताया कि प्रशासन को इस बात की जानकारी थी उसके बावजूद पुलिस मौके पर हिंसा होने के 25 मिनट बाद पहुंची. जिसके बाद इमाम ने कहा कि क्या हम इस देश के नागरिक नहीं हैं? उनका मानना है कि पुलिस मौके पर जान-बूझकर देर से पहुंची।