दिल्ली हिं’सा के बीच सिखों ने दं’गाइयों से मुस्लिम परिवारों को बचाया, खोले गुरुद्वारों के दरवाजे

रविवार को उत्तर पूर्वी दिल्‍ली में नागर‍िकता संशोधन कानून को लेकर जगह जगह जबरदस्‍त हिं’सक प्रदर्शन हुए. इसके बाद मंगलवार को चांद बाग, भजनपुरा, गोकुलपुरी, मौजपुर, करदमपुरी और जाफराबाद में हुई हिं’सा ने इलाके के लोगों को अंदर तक हिला कर रख दिया. दं’गाइयों ने दं’गा भ’ड़काकर आपसी भाईचारा तोड़ने की कितनी भी कोशिश की लेकिन दिल्ली के लोग कोई ना कोई ऐसी मिसाल पेश कर दे रहे हैं कि नफरतगर्दों के मंसूबे ध्वस्त होते दिखाई दे रहे हैं।

आपको बता दें दिल्ली के इन हिं’सक प्रदर्शनो में अब तक 23 लोगों की मौ’त हो चुकी है, जबकि 200 लोग घायल हैं. यही नहीं हिं’सा में शामिल लोगों ने कई दुकानों और वाहनों को भी आग के हवाले कर दिया. इस बीच दिल्ली के सिखों ने उन सभी पीड़‍ितों के लिए अपने गुरुद्वारों के दरवाजे खोल दिए हैं जो किसी सुरक्षित पनाह की तलाश में थे।

वही पहले खबर आई कि दं’गाइयों ने जब सीलमपुर की मुसलमानो की बस्ती पर ह’मला किया तो दलितों ने ना सिर्फ बचाव किया बल्कि बस्ती में जाने वाले रास्तों को ब्लॉक कर दिया। इसके बाद भड़काऊ नारे लगाते हुए और हिं’सक वारदात को अंजाम देते हुए दं’गाइ’यों की भी’ड़ जहां स्थानीय मुसलमानों को डराने की कोशिश कर रही है वहीं सिख समुदाय उन्हें सुरक्षित निकालकर अपने गुरुद्वारे में शरण दे दी है।

दुख और डर की इस घड़ी में शरणार्थियों और शरणदाता सिखों की सुरक्षा के मद्देनजर इस जगह की ठीक लोकेशन ना बताते हुए सामाजिक कार्यकर्ताओं ओवैस सुल्तान खान लिखते हैं- कि हिंदुत्व भी’ड़ से बचकर भाग रहे मुस्लिम परिवारों को दिल्ली में एक गुरुद्वारे में शरण दी है।

नागरिकता संशोधन कानून के समर्थन के बहाने समुदाय विशेष के खिलाफ नफरत फैलाने की अगुवाई कर रहे तमाम बीजेपी नेताओं पर भी सवाल उठ रहे हैं। 2 दिन पहले सीएए विरोधी प्रदर्शनकारियों को ध’मकी देने वाले कपिल मिश्रा की गिरफ्तारी की मांग उठ रही है।

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