VIDEO: फिर पकड़ा गया दलाल न्यूज़ चैनलों का खेल, लखनऊ में CAA के विरोध में ‘पाकिस्तान ज़िंदाबाद’ के नारे नहीं लगे

पिछले कई दिनों से दिल्ली के जंतर-मंतर, मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान, बंगलुरु, कोलकाता, लखनऊ समेत देश के अलग-अलग हिस्सों में नागरिकता क़ानून के खिला’फ विरोध प्रदर्शन हो रहे है। नागरिकता क़ानून को लेकर देश में जहां कहीं भी प्रदर्शन हुए हैं, उसके दो रूप देखने को मिले हैं। एक ऐसे लोग जिन्होंने शां’तिपूर्व’क प्रदर्शन किया वही दूसरे लोग, जिन पर प्रदर्शन के दौरान हिं’सा करने के आरो’प लगे।

नागरिकता क़ानून के विरोध प्रदर्शनो में ऐसे कई वीडियो भी वायरल हुए, जिनमें कुछ में प्रदर्शनकारी पुलिसवालों पर प’थरा’व करते दिखे और कुछ में पुलिसवाले प्रदर्शनकारियों पर ला’ठि’यां चलाते हुए दिखे। इन्ही में से एक बीजेपी आईटी सेल के प्रभारी अमित मालवीय भी है। जिन्होंने एक एडिट किया हुआ वीडियो अपने ट्वीट अकाउंट से शेयर कर दिया।

28 दिसम्बर को बीजेपी के सोशल मीडिया हेड अमित मालवीय ने एक वीडियो ट्वीट करते हुए दावा किया है कि लखनऊ में CAA का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तान ज़िंदाबाद के नारे लगाए हैं, उन्होंने ट्वीट में लिखा, चूंकि अभी पुराने वीडियो शेयर किये जा रहे हैं, लखनऊ से यह वीडियो है, जहाँ CAA का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों को पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाते हुए देखा जा सकता है।

अमित मालवीय लिखते है… धि’क्का’र है। किसी को उनके साथ एक संवाद करना चाहिए और उन्हें अगली बार कैमरों के लिए तिरंगा और बापू की तस्वीर ले जाने के लिए कहना चाहिए। गौरतलब है कि अमित मालवीय ने यह वीडियो तब शेयर किया जब मेरठ के एसपी अखिलेश नारायण सिंह का प्रदर्श’नकारि’यों को ‘पाकिस्तान जाओ’ कहने का वीडियो वायरल हो रहा था।

वही ऑल्ट न्यूज़ ने इस वीडियो की पड़ता’ल कर अमित मालवीय और बीजेपी के साथ ही कुछ न्यूज चैनलों को दा’वों को गलत साबित कर दिया। ऑल्ट न्यूज ने पाया कि इस वीडियो में लोग काशिफ साहब जिंदाबाद के नारे लगा रहे हैं, जिन्हें पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे बताया जा रहा है।

 

इस वायरल वीडियो को दो न्यूज चैनलों ने भी प्रसारित किया था। एक ने हालांकि इसे कथित नारेबा’जी कहा था, और दावा किया था कि इस सिलसिले में एफआईआर भी दर्ज हुई है। ऑल्ट न्यूज के मुताबिक काशिफ अहमद AIMIM लखनऊ के प्रमुख हैं।

 

ऑल्ट न्यूज ने पार्टी के यूपी अध्यक्ष हाजी शौकत अली से बात भी की जिसमें उन्होंने बताया कि 13 दिसंबर को हुए विरोध प्रदर्शन का काशिफ अहमद नेतृत्व कर रहे थे। और इस रैली में वो खुद मौजूद थे।

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