मुगल शासनकाल में सोने की चिड़िया कहलाता था भारत, अमेरिका चीन और जापान जैसे देश…

Bharat “Sone ki Chidiya”: दोस्तों हमारा देश, हिन्दुस्तान प्राचीन काल से ही अपनी संस्कृति, विविधता में एकता की खूबसूरत मिसाल है. हमारे हिन्दुस्तान की मिटटी की हमेशा से ही एक अलग ही तासीर रही है. जो यहाँ एक बार आया, यहीं का होकर रह जाता है. लेकिन कहते हैं न, जो जितना खूबसूरत होता है उतना ही कीमती भी होता है. यहां की ज़मीन अक्सर इसी वजह से भी खू’न की प्यासी रही है.

इस देश में समय समय पर कई राजा-महाराजा आये, और यहाँ की सरज़मी पर राज किया. किसी ने इसे लू’टा तो किसी ने इसको प्या’र दिया. आज हम बात करने जा रहे हैं ऐसे ही कुछ साम्राज्यों की और उन राजाओं की जिन्होंने हमारे भारत देश को एक अलग ही दिशा प्रदान की है.

सोने की चिड़िया के नाम से जाना जाता था, हिंदुस्तान को

इनके शासनकाल के समय में, भारत में ना तो भुकमरी थी, और न ही किसी को कोई परेशानियां. हम बात कर रहे हैं उस दौर की जिस दौर में लोग हिंदुस्तान को सोने की चिड़िया कहा करते थे. यह तो आप सभी जानते ही हैं, कि एक समय में हिन्दुस्तान को दुनियाभर में सोने कि चिड़िया कहा जाता था.

लेकिन समय के साथ साथ इस सोने की चिड़िया को, देश के कुछ दलाल नेताओं ने पीतल तो छोड़िये लोहे के बराबर भी नही रहने दिया है. हमें इसको देश का दुर्भाग्य ही कहना चाहिए की इस सोने की चिड़िया को सही सलामत, हिफाज़त देने वाला और इसको और बुलंदियों की उड़ान पर पहुंचाने वाला शायद अब कभी आना मुश्किल है.

Sone ki chidiya: भारत को को सोने की चिड़िया क्यों कहा जाता था?

आप सब यह तो जानते हैं कि हिन्दुस्तान को सोने की चिड़िया कहा जाता था लेकिन क्या आप यह जानते हैं कि भारत को सोने की चिड़िया क्यों कहा जाता था?

हम आपको आज इसी के बारे में बताएँगे, अगर आप इतिहास के बारे में थोड़ा बहुत जानते हैं तो आपको पता होगा कि यहां पहले से ही मुस्लि’म राज रहा है| एक ज़माना था जब यहां इब्राहिम खान लोदी का शासन हुआ करता था|

जानकारी के लिए आपको बता दें कि मुग़ल 1526 ईस्वी में भारत आये और मुग’लों के बादशाह बाब’र ने पानीपत के यु’द्ध में इब्राहिम खान लोदी को हराकर दिल्ली में मुग’ल साम्राज्य की नींव कायम की थी.

इसके बाद मुग’लों के शासन काल में भारतीय अर्थव्यवस्था का स्तर यह था कि भारत दुनिया के चौथे स्थान पर था| बता दें कि इस शासन काल में यानी 1600 ईस्वी में भारत का सम्राट अकबर था.

सबसे अमीर थे मुग़ल बादशाह, और मुग़ल साम्राज्य

आपको बता दें कि इस दौर में देश की जीडीपी प्रति व्यक्ति फ्रांस जर्मनी जापान यूएसए आदि की तुलना में अधिक थी. नीदरलैंड के ग्रोनिंगेन विश्वविद्यालय के आंकड़ों के मुताबिक़ दुनिया में भारतीय सबसे अमीर लोगों में से थे, 16 वीं शताब्दी से 18 वीं शताब्दी तक का मुगल साम्राज्य विश्व का सबसे अमीर और सबसे श’क्तिशा’ली साम्रा’ज्य था.

इसी के चलते 17 वीं शताब्दी में भारत आए फ्रांसीसी यात्री फ्रेंकोइस बर्नीर ने लिखा कि दुनिया भर से हर तिमाही में भारत को सोना और चांदी आता था. मुग़ल साम्राज्य में सड़कों नदी परिवहन समुद्री मा’र्गों पर कई तरह के करों को समाप्त करके व्यापार को प्रोत्साहित किया था.

साथ ही भारत में ह’स्तशि’ल्प को विकसित किया गया था, कपास के कपड़े मसाले ऊनी और रेशम के कपड़े, नमक इत्यादि जैसे निर्मित सामानों के जरिए एक सं’पन्न निर्यात व्यापार था|

आपको बता दें कि अकबर बहुत ही कुशल सम्राठ थे जिसके चलते उन्होंने बहुत ही कुशल प्रणाली से व्यापार और वाणिज्य के माहौल को सुविधाज’नक बनाया था.

साथ ही अकबर ने ईस्ट इंडिया कंपनी को मुगल साम्राज्य से व्यापार रियायतों की तलाश करने का अंत किया और अंत में इसे नि’यंत्रि’त कर दिया था जिसकी वजह से मुग़’ल शासन में अंग्रेज भारत में शासन करने में असम’र्थ थे.

सबसे ज़्यादा महान स्मारक हिंदुस्तान में ही बने

बता दें कि मुगलों ने बुनियादी स्मारकों में निवेश किया था जो दुनिया के महान स्मारकों में से एक साबित हुए हैं और आज तक के पर्यटक ड्रॉ सालाना करो’ड़ों रुपये पैदा करते हैं. मुगल शास’कों ने स्थानीय कला और शिल्प में निवेश किया और भारत में पुराने और नए कौश’ल सेट बनवाये थे.

इसी के चलते दिल्ली अध्याय के प्रभारी स्वपन लिडल का कहना है कि उन के नजरिये से भारत में सबसे बड़ा मुगल योगदान, कला के संरक्षण के रूप में था.

फिर चाहे वह इमारत हो, बुनाई और धा’तु का’म करने जैसी कलात्म’क शि’ल्प हो, या पेंटिंग जैसी ललित कलाएं हों उन्होंने सब के मानकों को निर्धारित किया जो दूसरों के अनुसरण के लिए एक अ’च्छा उदाहर’ण बन गया है.

साथ ही आपको बता दें कि स्वतंत्र’ता सं’ग्राम में भी मुगलों की एक एहम भूमिका रही है जिसको चाहे कितना भी मिटाने की कोशिश करो मिट नहीं सकती.

जब तक मुग़ल रहे अंग्रेज हिन्दुस्तान को गुलाम नहीं बना सके लेकिन आखिर में हिन्दुस्तान के ही कुछ बड़े लोगों के अंग्रे’जों से मिल जाने की वजह से मुग़’ल शासन खत्म हुआ और अंग्रेजों ने हिन्दुस्तान को गुला’म बनाए लिया.

भारत के आखरी मुग़ल बादशाह कौन थे?

जानकारी के लिए आपको बता दें कि स्वतंत्रता के लिए लड़ा’ई शुरू करने वाले भी मुस्लि’म शासक और मुग़ल थे और स्वतंत्रता के लिए शहीद होने वाले आखरी राजा भी मुस्लि’म शासक और मुग़ल थे.

बता दें कि भारत के आखरी मुग़ल राजा बहादुर शाह ज़फर थे जिन्होंने अपने देश हिन्दुस्तान के लिए पूरे परिवार के साथ अंग्रेजों से लड़ते हुए वीरगति प्राप्त की थी.

बता दें कि 1857 में प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के दौरान मुग़ल सम्रा’ट बहादुर शाह ज़फर ने भारत के सिपाहियों का प्रतिनिधित्व करते हुए अंग्रेज़ों से जंग का एलान किया था.

इस जंग में देश के सभी छोटी बड़ी हुकूम’तों ने मुग़’ल साम्राज्य के अंतर्गत ईस्ट इंडिया कंपनी से जंग लड़ी थी, लेकिन कुछ दला’लों और देश द्रो’हि’यों के गद्दा’री की वजह से मुग़’ल शासन खत्म कर अंग्रेजों ने देश को गुला’म बना लिया था.

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