पहले वे मुसलमा’नों को छांटेंगे, फिर ईसाइयों को फिर दलितों को और बाद में महिलाओं के हक छीनेंगे, इसलिए आज ही फासीवाद से लड़िए: सिद्धार्थ

नई दिल्ली: नागरिकता संशोधन कानून (Citizenship Amendment Act) को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन जारी है। जामिया और अलीगढ़ में प्रदर्शन के बाद उत्तर-पूर्वी दिल्ली के सीलमपुर में भी नागरिकता संशोधन कानून को लेकर हो रहे प्रदर्शन ने हिं#सा का रूप ले लिया इस मुद्दे को लेकर न केवल आम नागरिक, बल्कि बॉलीवुड और कई फिल्मी कलाकार भी खुलकर अपनी राय पेश कर रहे हैं। इस मामले पर साउथ के सुपरस्टार सिद्धार्थ ने भी एक ट्वीट किया, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

साउथ के सुपरस्टार सिद्धार्थ ने नागरिकता कानून का विरोध करते हुए भारत बचाओ (Save India) का हवाला देते हुए लोगों से फासीवाद के खिलाफ़ खड़े होने की सलाह दी है। सिद्धार्थ ने ट्विटर के ज़रिए मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, पहले वे मुसलमा’नों को, फिर ईसाईयों को, फिर दूसरे धर्मों को छांटेंगे, फिर वे दलित जातियों को किनारे करेंगे और इसके बाद महिलाओ के अधिकारों को छीनेंगे।

वे हमेशा बांटने का रास्ता ढूंढेंगे। वे हमेशा नफ़रत का रास्ता ढूंढेंगे। ये ही उनका तरीका है। फासीवाद को ना कहो। भारत बचाओ। इसके अलावा सिद्धार्थ ने एक और ट्वीट किया, जिसमें उन्होंने लिखा, और देखो कितने लोग अर्थव्यवस्था की बात कर रहे हैं. व्याकुलता, धोखे, त्याग, ये फासीवादियों के औजार हैं. खबरदार, फासीवाद के खिलाफ खड़े हो जाओ. जो सही है उसके लिए लड़ो।

बता दें कि नागरिकता संशोधन कानून को लेकर सिद्धार्थ के साथ-साथ साउथ के दिग्गज एक्टर कमल हासन ने भी ट्वीट किया. साउथ से इतर बॉलीवुड में भी फरहान अख्तर, स्वरा भास्कर, ऋचा चड्ढा, पुलकित सम्राट, जीशान अय्यूब और हूमा कुरैशी जैसे कलाकारों ने नागरिकता संशोधन कानून पर खुलकर अपनी राय पेश की है।

आपको बता दें कि फिल्मी दुनिया के कई सितारे नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में खड़े हैं। इन्होंने नागरिकता कानून के खिलाफ़ मोर्चा पुलिस द्वारा जामिया छात्रों की पि’टाई के बाद खोला है। दो दिन पहले दिल्ली पुलिस ने जामिया यूनिवर्सिटी के कैंपस में घु’सकर नागरिकता कानून का विरोध कर रहे छात्रों की बे’रह’मी से पि’टाई की थी। जिसके बाद से देशभर में नागरिकता कानून के खिलाफ़ उबाल है।

वही मोदी सरकार द्वारा लाए गए नागरिकता कानून में पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से आए ग़ैर-मुस्लि’मों को भारत की नागरिकता दिए जाने का प्रावधान है। जबकि इस कानून में मुसलमा’नों को कई जगह नहीं दी गई है। जिसको लेकर बवाल हो रहा है। विपक्षी दल से लेकर देश की कई जानी मानी हस्तियां और छात्र इसे संविधान विरोधी और समाज को बांटने वाला बता रहे हैं।