श्रीलंकाई राष्ट्रपति ने दिया एकता पर ज़ोर, कहा- मुसलमान प्रभाकरन को पैदा होने का मौका बिलकुल ना दें

श्रीलंका में ईस्टर पर हुए सिलेसिलेबर ध@माकों के बाद बने हालातों को लेकर रविवार को श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना ने जनता को आगाह करते हुए एकता और भाईचारे पर ज़ोर दिया. उन्होने चेतावनी देते हुए कहा कि आज के समय में देश बंट रहा है. उन्होंने कहा कि राजनेता और धार्मिक नेता बंट गए हैं जिससे देश में और मुश्किल हालत बनते जा रहे है.

उन्होंने कहा कि हमें किसी मु स्लिम प्रभाकरण को पैदा होने का मौका नहीं देना चाहिए वरना एक और जं@ग शुरू हो जाएगी. कोलंबो गजट की खबर के मुताबिक राष्ट्रपति ने अपने देश की जनता से मुस् लिम प्रभाकरण को किसी भी तरह से सिर उठाने के लिए कोई भी गुंजाइश ना छोड़ने का अनुरोध किया.

Maithripala Sirisena
Image Source: Google

राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना ने आगाह किया कि अगर हम विभाजित और अलग हो जाते हैं तो पूरा देश हार जाएगा और देश में एक और यु’द्ध शुरू हो जाएगा. आपको बता दें कि श्रीलंका में ईस्टर के मौके पर स्थानीय चरमपं@थी संगठन द्वारा किये गए सिलेसिलेवार ध@माकों में 250 से ज्यादा लोग मारे गए थे.

इन आत्म घाती ह@लों में तीन चर्चों और तीन लग्जरी होटलों को निशाना बनाया गया था. इसके बाद से ही देश भर में तनाव की स्थिति लगातार बनी हुई हैं. साथ ही जहां के मु@म समुदाय पर लगातार ह@मले भी हो रहे हैं. अपने संबोधन के दौरान सिरिसेना ने कई नेताओं को भी फटकार लगाई.

उन्होंने अफसोस जाहिर करते हुए कहा कि ज्यादातर राजनेताओं का फोकस इस साल के अंत में होने वाले चुनावों पर केंद्रित है देश पर नहीं. राष्ट्रपति ने कहा कि विभाजन देश को आगे बढ़ने से रोक रहा है.

वह तमिलों द्वारा झेली जा रही मुश्किलें समझते हैं और उनमें से कुछ का समाधान निकालेंगे. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि हमें अतीत को अलग रखकर एकजुट होकर देश को आगे ले जाना चाहिए.