मुस्लिमों के उत्पीड़न पर अरब देशों के बाद अब अमेरिका भड़का, कहा- मुसलमानों को निशाना बनाना बन्द करें

वाशिंगटन: दुनिया भर में कोरोना वायरस केहर बरपा रहा है. कोरोना का कहर पूरी दुनिया में जारी है. हर रोज आंकड़ों के ग्राफ में तेजी से इजाफा हो रहा है. इस महा’मा’री की चपेट में आने की वजह से अबतक दुनिया भर में लाखों लोगों की मौ’त हो चुकी है. वही पूरी दुनिया में 24 लाख से ज्यादा लोग कोरोना वायरस से संक्र’मित हो चुके हैं. भारत में भी इस म’हामा’री का खासा असर देखने को मिल रहा है।

भारत में इस वायरस से लड़ाई में अब धार्मिक मुद्दा भी शामिल हो गया है. वजह दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज में तब्लीगी जमात के लोगों के शामिल होना की दरअसल, तब्लीगी जमात के धार्मिक सम्मेलन का मामला सामने आने के बाद से ही पुरे देश का माहौल एक दम बदल गया है. और इस मामले को एक अलग ही एंगल से देखा जा रहा है।

देश मैं हर बात पर एक समुदाय विशेष को टारगेट करने पर जहां एक तरफ अरब देशों ने आवाज़ उठाई तो वहीं अब अमेरिका भी इस मैदान मैं उत्तर गया है. अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने रमजान के पवित्र महीने में मुस्लिमों का अभिवादन करते हुए, अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से आग्रह किया है कि कोरोना  प्रकोप के लिए मुसलमानों को इलज़ाम देना बंद करें।

मुस्लिमों पर हो ररहे ह’मले को लेकर पोम्पियो ने कहा, अमेरिकी लोगों की ओर से, मैं संयुक्त राज्य अमेरिका और दुनिया भर में मुस्लिम समुदायों को अपनी शुभकामनाएं देता हूं क्योंकि वे रमजान के पवित्र महीने की शुरुआत करें और अल्लाह से दुआ करें कि हम जल्द से जल्द इस महामारी से बाहर निकल आएं।

वही इसको लेकर माइक पोम्पिओ ने ट्वीट भी किया है, जिसमें उन्होंने करोना से लड़ने के लिए सब को एक होकर लड़ने की अपील की, पोम्पेओ ने जारी बयान में कहा कि रमजान सभी धर्मों के लोगों के लिए करुणा के लिए सरल रास्ता है, यह हमें बतलाता है कि हम अपने अच्छे कार्यों को ज़ाहिर करें और सभी व्यक्तियों को सुरक्षित रखने के लिए इस्वर से प्रार्थना करें

अमर उजाला की खबर के अनुसार, अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि अमेरिकी सरकार ने कोविड-19 से निपटने के लिए प्रशांत महासागर में स्थित देशों को 32 मिलियन डॉलर से ज्यादा की राशि मुहैया कराई है।

उन्होंने कहा कि हम बर्मा की सरकार, संयुक्त राष्ट्र, गैर सरकारी संगठनों और अन्य लोगों के साथ काम कर रहे हैं, ताकि बर्मा में कोविड-19 के प्रसार को रोका जा सके

पोम्पियो ने कहा कि हम भारत, ऑस्ट्रेलिया, जापान, न्यूजीलैंड, कोरिया गणराज्य और वियतनाम में अपने दोस्तों के साथ मिलकर बेहतरीन कार्यप्रणाली और जानकारी साझा करने के लिए काम कर रहे हैं ताकि वैश्विक अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाया जा सके और इस महा’मा’री एक जुट होकर लड़ा जा सके।