किसान आंदोलन में पहुंचे जामिया विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं को लौटाया, टिकैत बोले यह सब छोड़ पहले….

देश में जहां पहले से ही कृषि कानून के विरोध में मामला गरमाया हुआ है। वही किसानों ने किसी भी राजनीतिक पार्टी को उनके आंदोलन से दूर रहने की सलाह भी दी है। किसान संघठन खुद अपनी मांग मनवाने की बात पर अड़े हुए हैं। इसी बीच रविवार को दिल्ली- उत्तरप्रदेश सीमा पर स्थित गाजीपुर में किसानों के आंदोलन में दिल्‍ली की जामिया मिलिया इस्‍लामिया विश्वविद्यालय के कुछ छात्र-छात्राएं भी वहां पहुंच गए।

जामिया के छात्र-छात्राएं भी इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए आए थे, लेकिन किसानों ने विरोध करके और पुलिस ने हस्‍तक्षेप करके उन्‍हें वापस लौटा दिया। गाजीपुर में चार से पांच जामिया विद्यार्थी आंदोलन में शामिल होने पहुंचे थे। किसानों ने तुरंत इन लोगों का विरोध किया। तभी मौके पर पुलिस भी पहुंच गई।

आंदोलन में शामिल होने के लिए डफली लेकर पहुंचे थे जामिया के छात्रा

किसान आंदोलनकारियों ने शांतिपूर्ण तरीके से उन सभी लड़कियों और एक लड़के को गाजीपुर से जाने के लिया कहा इसके बाद प्रदर्शनकारियों की भी’ड़ के विरोध के बाद सभी विद्यार्थी वहां से चले गए। इस पूरे मामले पर किसान राकेश टिकैत ने बोला कि- ‘पता नहीं ये छात्र-छात्राएं यहां क्‍यों आए थे। इन छात्र-छात्राओं को आंदोलन से दूर रहना चाहिए।

और उन्‍हें अपनी पढ़ाई लिखाई पर ध्‍यान देना चाहिए। उनका कहना था कि अगर सरकार इस मुद्दे पर बात करना चाहती है तो हम एक अलग से समिति का गठन करेंगे। और आगे का फैसला लेंगे। तथा हम सभी से शांति बनाए रखने की अपील करते हैं।

किसानों के मुताबिक जामिया के छात्र छात्राओं का इस आंदोलन में आना ठीक नहीं है। किसान नेता शिवकुमार कक्का ने कहा कि- ‘हम सभी यह चाहते हैं कि तीनों कृषि कानूनों को जल्द से जल्द निरस्त कर दिया जाए। हम भूख हड़ताल करेंगे और धरने पर डटे रहेंगे। इस आंदोलन में भाग ले रहे सभी किसान संगठन एकजुट हैं। हमारा मत बहुत ही स्पष्ट है।

वही किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने रविवार 13 दिसंबर को यह जानकारी दी थी कि सोमवार सुबह आठ बजे से शाम पांच बजे तक होने वाली यह भूख हड़ताल 14 दिसंबर से आंदोलन को तेज करने की किसानों की योजना है।

जिसके बाद किसान नेता संदीप गिड्डे ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि- ’19 दिसंबर से प्रस्तावित किसानों की अनिश्चित कालीन भूख हड़ताल रद्द कर दी गई हे जो कि सोमवार को की जाएगी।