VIDEO: अयोध्या पर आखिरी सुनवाई से सुन्नी वक्फ बोर्ड का बड़ा फैसला, दावा छोड़ने के लिए दिया एफिडेविट

अयोध्या में बाबरी मस्जिद और राम जन्मभूमि की विवा’दित जमीन को लेकर चल रहे सुप्रीम कोर्ट में मुक़दमे की सुनवाई अब अपने अंतिम चरण पर पहुँच चुकी है| उम्मीद जताई जा रही है कि अब बहुत जल्द इस मुद्दे पे सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने वाला है वहीँ, सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई का कार्यकाल भी समाप्त होने वाला है तो फैसले की उम्मीद और पुख्ता होती नज़र आ रही है| वैसे तो आये दिन इस मुद्दे को लेकर देश भर से नए नए बयान आते रहते हैं लेकिन आज मुस्लि’म पक्ष के सुन्नी वक्फ बोर्ड के फैसले को लेकर सबके हो’श उड़े हुए हैं|

दरअसल आपको बता दें कि अयोध्या विवाद की सुप्रीम कोर्ट में अंतिम सुनवाई से ठीक पहले इस केस के मुख्य मुस्लि’म पक्षकार सुन्नी वक्फ बोर्ड के जमीन पर अपना दावा छोड़ने की अफवाह मीडिया पर खूब ज़ोरो से वायरल हो रही थी, जिसके चलते अब पूरे देश में हलच’ल मच गयी है हर कोई इस फैसले से हैरा’न और प’रेशां नज़र आ रहा था|

आपको बता दें कि रिपोर्ट्स में कहा जा रहा था कि यूपी सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने मध्यस्थता पैनल के जरिए सुप्रीम कोर्ट में केस वापस लेने का हलफनामा दाखिल कर दिया है, जबकि सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई शुरू होने पर सुन्नी वक्फ बोर्ड के अपील वापस लेने के मामले में कोर्ट में कोई चर्चा नहीं हुई। वहीँ इस बीच सुन्नी वक्फ बोर्ड के वकील ने भी इन अफवाओं को सिरे से खारिज किया है। अब सारी नजरें सुप्रीम कोर्ट की आखिरी सुनवाई पर ही टिकी हुई हैं।

जानकारी के मुताबिक़ मध्यस्थता की अफवाओं पर अयोध्या केस के एक पक्षकार इकबाल अंसारी के वकील ने साफ़ स्पष्ट कहा है कि न तो उनके मुवक्कि’ल ने और न ही सुन्नी वक्फ बोर्ड ने दावा छोड़ने पर विचार किया है, उन्होंने कहा कि हम कमिटी के साथ हैं। साथ ही अंसारी ने कहा कि अगर सुन्नी वक्फ बोर्ड मध्यस्थता के लिए सामने आता है तो वह भी इससे पीछे नहीं हटेंगे।


जानकारी के लिए बता दें कि इकबाल अंसारी अयोध्या केस के एक प्रमुख पक्षकार रहे हाशिम अंसारी के पुत्र हैं, हाशिम अंसारी का निध’न हो चुका है तो अब इस केस की भागदौ’ड़ इकबाल अंसारी ही संभाल रहे हैं| उन्होंने अपने साफ़ अंदाज़े में स्प’ष्ट करते हुए कोर्ट में कहा कि कोर्ट सबूतों के आधार पर फैसला करता है, इसलिए अफवाएं उड़ाने से कुछ नहीं होगा। सभी पक्षों को कोर्ट के फैसला का ही इंतजार करना ही होगा।

वहीँ दूसरी ओर इकबाल अंसारी के वकील एमआर शमशाद ने कहा कि विवा’दित जमीन पर दावा छोड़’ने की बात अफवाह से ज्यादा कुछ नहीं है। उन्होंने कहा कि सुन्नी वक्फ बोर्ड ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है। उन्होंने तो यहां तक कहा कि अयोध्या केस में किसी प्रकार की मध्यस्थ’ता का भी कोई सवाल नहीं है। अब जो होगा, कोर्ट में ही होगा।


जानकारी के लिए बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या केस पर सुनवाई का आज 40वां दिन है। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने मंगलवार को स्पष्ट कर दिया था कि अब इसकी सुनवाई और नहीं खींची जाएगी, इसका मतलब है कि सुनवाई की प्रक्रिया आज ही खत्म हो सकती है जिसके बाद फैसला सुप्रीम कोर्ट की संवै’धानि’क पीठ के पास सुरक्षित हो जाएगा।

इसी के चलते वहीँ, उम्मीद की जा रही है कि पांच सदस्यीय संवैधानिक पीठ अयोध्या केस में अगले महीने की 17 तारीख तक कभी भी अपना फैसला सुना सकती है। साथ ही 17 नवंबर को ही चीफ जस्टिस रंजन गोगोई रिटायर होने जा रहे हैं।

साभारः #NavBhaaratTimes