राफेल और सबरीमाला के साथ ही राहुल गाँधी पर सुप्रीम कोर्ट सुनाएगा फैसला

राफेल और सबरीमाला के साथ ही राहुल गाँधी पर सुप्रीम कोर्ट सुनाएगा फैसला

नई दिल्लीः सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या जैसे बड़े मामले पर फैसला सुनाने के छे दिन बाद ही एक बार फिर से दो बड़े फैसले सुनाने वाला है. गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट सबरीमाला विवाद और राफेल विमान सौदे पर अपना फैसला सुनाएगा. इन दो बड़े फैसलों के अलावा सुप्रीम कोर्ट गुरुवार को ही कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी पर अवमानना के मामले पर भी फैसला सुनाएगा. चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अगुवाई वाली बेंच कल सुबह 10.30 बजे इन दोनों मामलो पर अपना फैसला सुनाएगी।

बता दें सुप्रीम कोर्ट गुरुवार को दो अहम मामलों पर अपना फैसला सुनाएगा। इसमें पहला ममला जो कि 14 दिसंबर, 2018 को 36 राफेल विमानों के सौदे को बरकरार रखने के फैसले के खिला’फ दायर समीक्षा याचिका पर और दूसरा सबरीमाला मंदिर को लेकर के हैं। क्योंकि सबरीमाला मंदिर में सभी आयु वर्ग की महिलाओं के प्रवेश की अनुमति देने के फैसले के खिला’फ समीक्षा याचिका लगाई गई है जिसपर कोर्ट फैसला सुनाएगा।

लोकसभा चुनाव के दौरान राफेल विमान सौदे का मामला काफी बड़ा हो गया था. फ्रांस से 36 राफेल जेट विमान खरीदने की प्रक्रिया में दो जनहित याचिका दायर की गई थीं, जिसमें भ्र’ष्टाचा’र का आरोप लगाया गया था. इसके अलावा लड़ाकू विमान की कीमत, कॉन्ट्रै’क्ट, कंपनी की भूमिका पर सवाल खड़ा किया गया था।

केरल के प्रसिद्ध सबरीमाला मंदिर में महिलाओं की एंट्री का विवाद बहुत समय से चल रहा है. पिछले साल सर्वोच्च अदालत ने इस मामले में फैसला सुनाते हुए 10 से 50 साल की महिलाओं को मंदिर में प्रवेश करने पर लगी पाबं’दी को हटा दिया था. SC के इस फैसले के बाद काफी प्रदर्शन हुआ था और बाद में इसपर पुनर्विचार याचिका भी दायर की गई थी. अब सुप्रीम कोर्ट इसी मामले में अपना फैसला सुनाएगा।

वही तीसरा फैसला गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के खिला’फ दायर याचिका पर फैसला सुनाएगा. ये याचिका बीजेपी नेता मीनाक्षी लेखी ने दायर की गई थी, जिसमें आरोप था कि राहुल गांधी ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट ने माना है कि चौकीदार चो’र है।

मीनाक्षी लेखी ने आरोप लगाया था कि राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट के बयानों को राजनीति से जोड़ दिया है. हलाकि इस मामले में राहुल गांधी की ओर से माफीनामा भी दायर किया गया था, लेकिन अदालत की ओर से कोई राहत नहीं मिली थी। अब सुप्रीम कोर्ट इस पर भी फैसला सुनाएगा।

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