महाराष्ट्र में घमासान के बीच सुप्रीम कोर्ट का आदेश, सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने फैसला

महाराष्ट्र: पिछले कई दिनों से महाराष्ट्र में हाई वोल्टेज ड्रामा मचा हुआ है। महाराष्ट्र की राजनीतिक संकट के बीच सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी की याचिका पर सुनवाई हुई. सुप्रीम कोर्ट अब महाराष्ट्र के संकट पर मंगलवार सुबह 10.30 बजे फैसला सुनाएगी. सोमवार को करीब दो घंटे इस मसले पर अदालत में तीखी बहस हुई. तीन जजों की बेंच ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया है। अब इस पर मंगलवार सुबह 10.30 बजे फैसला सुनाया जाएगा।

सुप्रीम कोर्ट कल सुबह 26 नबम्बर सुबह 10.30 बजे इस मामले में अपना आदेश सुनाएगा। पक्ष और विपक्ष ने इस मामले में अपने तर्क रखे। बीजेपी और सीएम फडणवीस की तरफ से पेश वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी जहां इस मामले में विस्तृत सुनवाई की वकालत कर रहे थे और दलीलें दी कि स्पीकर बहुमत परीक्षण करवा सकते हैं। वहीं, कांग्रेस, एनसीपी और शिवसेना के वकील जल्द से जल्द फ्लोर टेस्ट कराने की मांग की है।

महाराष्ट्र में बीजेपी, शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी को लेकर कल सुनाएगा सुप्रीम कोर्ट अपना फैसला

महाराष्ट्र की राजनीती को लेकर सुप्रीम कोर्ट कल 26 नवम्बर को सुबह 10:30 बजे, अपना फैसला सुनाएगा. इधर सभी पार्टियाँ अपना-अपना बहुमत सिद्ध करने को लेकर उतावली हैं. बता दें महाराष्ट्र विधानसभा में 288 सीट हैं। और सरकार बनाने के लिए 145 विधायकों का समर्थन चाहिए।

भाजपा के पास 105 विधायक हैं। और भाजपा का यह दावा है कि निर्दलीय व अन्य 11 विधायकों का उन्हें समर्थक है। यानी उनके पास 116 विधायकों का समर्थक है। वही अजित पवार का समर्थन मिलने पर भाजपा ने दावा किया कि उनके पास पूर्ण बहुमत है, इसलिए अब उनकी सरकार को खतरा नहीं है।

वही शिवसेना के पास 56, एनसीपी के 54 और कांग्रेस के 44 विधायक हैं। तो इन तीनों को मिलाकर 154 विधायक हो रहे हैं, जो बहुमत साबित करने से 9 ज्यादा है। कांग्रेस व राकांपा के साथ अन्य दलों के विधायक भी उन्हें समर्थन दे रहे हैं। आपको बता दें बहुमत के लिए न्यूनतम 145 विधायक की जरुरत है।

बता दें, शनिवार को देवेंद्र फडणवीस ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के तौर पर जबकि अजित पवार ने प्रदेश के उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली. इसके बाद शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस ने राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के निर्णय के खिलाफ उच्चतम न्यायालय का रुख किया और तत्काल सुनवाई करने की मांग की थी।

उच्चतम न्यायालय की रजिस्ट्री ने मामले की सुनवाई के लिए रविवार का दिन मुकर्रर किया. इससे एक दिन पहले एनसीपी, कांग्रेस और शिवसेना ने मिलकर सरकार बनाने का ऐलान किया था।