इब्राहिम और अंजलि के प्रेम-विवाह मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला, अंजलि जैन और मोहम्मद इब्राहिम को...

इब्राहिम और अंजलि के प्रेम-विवाह मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला, अंजलि जैन और मोहम्मद इब्राहिम को…

केरल के बहुचर्चित हादिया केस की तरह ही जाने वाले एक और छत्तीसगढ़ के धमतरी ज़िले के इब्राहिम-अंजलि के प्रेम और विवाह का मामला भी हादिया की तरह सुलझता नज़र आ रहा है. बता दें छत्तीसगढ़ में लव जिहा’द के नाम से प्रचारित इब्राहिम और अंजलि प्रेम विवाह मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने अंजलि जैन को उसकी मर्ज़ी के व्यक्ति के साथ रहने का फ़ैसला सुनाया है। जो की हादिया केस में भी सुप्रीम कोर्ट ने यही सुनाया था।

आपको बता दें इस मामले को लेकर भी राज्य में कई बार धरना प्रदर्शन और बंद का आयोजन हो चुका है. लोगो के कड़े विरोध के बाद से ही स्थानीय अदालत से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक की कार्रवाइयों में उलझी अंजलि जैन पिछले सात महीने से रायपुर के एक सरकारी सखी सेंटर में रह रही हैं. वही बीबीसी से बात चित में अंजलि जैन ने कहा की, मैं अब इस नर्क से अब मुक्ति पाना चाहती हूं।

बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार अंजलि ने कहा की मैंने इब्राहिम से प्यार किया है, उससे शादी की है और अपनी ज़िंदगी अपने पति मोहम्मद इब्राहिम सिद्दीक़ी के साथ ही गुजारना चाहती हूं. लेकिन अपनी इज्जत के लिए मेरे पिता इसे सां’प्रदायि’क रंग दे कर अदालती कार्रवाइयों में उलझा रहे हैं। में पिछले कई महीनो से दर दर भटक रही हु.मुझे अब इन सब से मुक्ति चाहिए।

वही इस मामले पर इब्राहिम और अंजलि की वकील प्रियंका शुक्ला ने कहा, हाईकोर्ट ने ज़िले के पुलिस अधीक्षक के समक्ष अंजलि जैन को सखी सेंटर से मुक्त कराये जाने के निर्देश दिये हैं। अदालत ने इस दौरान सखी सेंटर के उच्च अधिकारियों की उपस्थिति भी सुनिश्चित करने के लिए कहा है।

इस मामले में अंजलि जैन की छोटी बहन की चिट्ठी के आधार पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने स्वत संज्ञान लिया था। इसके अलावा अंजलि के परिजनों की ओर से भी हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में याचिकायें दायर की गई थी। अंजलि जैन ने अपनी ओर से भी हाईकोर्ट को एक चिट्ठी लिखी थी।

इन सब पर सुनवाई के बाद पिछले शुक्रवार को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने फ़ैसला सुरक्षित रखा था। अदालत के ताज़ा आदेश के बाद अंजलि जैन ने बीबीसी से कहा, अदालत पर मेरा भरोसा और मज़बूत हुआ है. मैं जिस यातना से पिछले आठ महीने से गुज़री हूं, उसे कोई वापस नहीं ला सकता. लेकिन देर से ही सही, मेरे साथ न्याय हुआ।

अंजलि जैन ने कहा कि वे सखी सेंटर से मुक्त होने के बाद अपने पति मोहम्मद इब्राहिम सिद्दीक़ी उर्फ़ आर्यन आर्य के साथ रहेंगी। उन्होंने कहा कि इस मामले को धार्मिक रंग दे कर विवादों में लाने की कोशिश की गई। लेकिन अदालत के फैसले के बाद यह साफ़ हो गया है कि यह ‘लव जिहाद’ नहीं, केवल ‘लव’ का मामला है।

साभार: बीबीसीहिंदी

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