तबरेज अंसारी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई सामने, इस बड़ी चूक की वजह से हुई थी मौत

झारखण्ड: सरायकेला खरसावां में बाइक चोरी करने के संदे’ह में बेरह’मी से पी’टे गए तबरेज अंसारी की जेल में हुई मौ’त के मामले की जांच कर सरायकेला के अनुमंडल पदाधिकारी एसडीओ ने सोमवार को उपायुक्त डीसी को रिपोर्ट सौंपी थी। एसडीओ बसारत कयूम ने तबरेज की मौ’त के लिए सीनी थाना प्रभारी एवं सरायकेला थाना प्रभारी के साथ साथ दो डॉक्टरों की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है। साथ ही मौ’त का कारण तबरेज के सिर की हड्डी टूटने से ब्रेन हैमरेज को कारण बताया गया है, जबकि पहले पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट का हवाला दे कर गंभी’र चोट से इन्कार किया था।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, डॉक्टरों द्वारा जमा कराई गई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कहा गया है कि अंसारी के सिर की हड्डी टूट गई थी जिससे ब्रेन हैमरेज हुआ और उनकी मौ’त हो गई थी पिछले महीने बाइक चोरी में हाथ होने की आशंका के चलते लोगों के एक समूह ने तबरेज़ अंसारी को पीटा और उनसे जय श्री राम’ और जय हनुमान के नारे लगाने को कहा था. घटनास्थल से उनके दो साथी भागने में कामयाब हो गए थे, जिन्हें पुलिस अभी तक खोज नहीं पाई है।

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आपको बता दें इस मारपीट की घटना के एक हफ्ते बाद अंसारी की पुलिस हिरासत में मौ’त हो गई थी. झारखण्ड पुलिस ने तबरेज़ अंसारी की ह@त्या के मामले में 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट दो दिन पहले सरायकेला पुलिस को सौंपी गई।

पुलिस के एक सूत्र ने आईएएनएस से कहा, जांच के दौरान यह पाया गया है कि तबरेज को बचाने के लिए दो थानों के प्रभारी अधिकारी ने समय पर प्रतिक्रिया नहीं दी. सूत्र ने कहा, स्थानीय ग्राम प्रधान ने पुलिस को घटना के बारे में देर रात 2 बजे सूचित किया लेकिन पुलिस सुबह 6 बजे घटनास्थल पर पहुंची।

वही सूत्र के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार जिन डॉक्टरों ने तबरेज का इलाज किया था उन्होंने उसकी ठीक से नहीं जांचा एक्स-रे रिपोर्ट में उनकी सिर की हड्डी टूटी हुई पाई गई लेकिन ब्रेन हैमरेज के लिए उनका इलाज नहीं किया गया. बल्कि उसे जेल भेज दिया गया. अंसारी की ह@त्या को लेकर झारखंड उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार से रिपोर्ट मांगी है।

क्या है रिपोर्ट में

भीड़ की पिटाई में तबरेज के सिर में की एक हड्डी टूटी थी गिरफ्तारी के बाद डॉक्टरों ने एक्सरे तो कराया लेकिन गंभीरता से नहीं देखी रिपोर्ट एक्सरे में हैमरेज की हुई थी पुष्टि, इलाज होता तो बच सकती थी जान सीनी थाना प्रभारी और खरसावां थाना प्रभारी ने बरती लापरवाही रात एक बजे ग्राम प्रधान ने दी सूचना, सुबह मौके पर पहुंची पुलिस एसडीपीओ को थाना प्रभारी ने नहीं दी पूरी जानकारी