VIDEO: शिवसेना प्रमुख का ऐलान, ताजमहल में चारों सोमवार होगा यह काम चाहे प्रशासन कितना भी रोकने की कोशिश करे

आगरा: उत्तर प्रदेश के आगरा में मोहब्बत की निशानी ताजमहल को शिव मंदिर तेजोमहल बताने वाले आगरा शिवसेना के जिला प्रमुख वीनू लवानिया ने ऐलान कर दिया है लवानिया का दावा है कि जिला प्रशासन चाहे कितना ही रोकने का प्रयास क्यों ना करें साम दाम दं’ड भेद से शिव मंदिर तेजोमहाल की आरती करके रहेंगे। इसी को देखते हुए ताजमहल के बाहर अतिरिक्त सुरक्षा की पुरातत्व विभाग एएसआई की मांग को जिला प्रशासन ने अपनी सहमति दे दी है।

दरअसल शिवसेना ने कुछ दिनों सावन महीने में ताजमहल के परिसर में आरती करने का ऐलान किया था। अधीक्षण पुरातत्ववि’द बसंत स्व’र्णकार ने जिलाधिकारी एनजी रवि कुमार को इस संबंध में पत्र लिखकर कहा है कि ताज में पहले कभी भी कोई पूजा अर्चना और महाआरती नहीं हुई है। इसलिए श्रावण मास के चारो सोमवार ताजमहल में महाआर’ती करेंगे।

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आपको बता दें कि बीते दिनों शिवसेना के प्रदेश उपप्रमुख वीनू लवानिया ने कहा था कि ताजमहल तेजो महाल’य है और हिंदु’ओं की आस्था का प्रतीक है। इसको देखते हुए श्रावण मास के चारों सोमवार को ताजमहल में आरती की जाएगी। इस संबंध में पुरातत्व विभाग ने 18 जुलाई को जिलाधिकारी को लिखे पत्र में कहा था कि प्राचीन स्मारक और पुरातत्वीय स्थल और अवशेष अधिनियम 1958 के खंड 5 6 एवं नियम 19598 एफ के प्रावधानों के अनुसार, संरक्षित स्मारक में किसी भी प्रकार का धार्मिक आयोजन एवं नई परंपरा की शुरुआत करना नियमों के विरु’द्ध है।

वही जिला मजिस्ट्रेट एडीएम क़ेपी़ सिंह ने कहा कि शहर में कानून और व्यवस्था की स्थिति को बिगाड़ने की अनुमति किसी को नहीं दी जाएगी। एएसआई के अनुरोध के अनुसार उचित व्यवस्था की जाएगी। शिवसेना के वीनू लवानिया ने 17 जुलाई को जिला प्रशासन और पुलिस को चुनौती दी कि उन्हें और उनके सहयोगियों को ताजमहल में आर’ती करने से रोक कर दिखाएं।

 

लवानिया ने कहा की ताजमहल एक मकबरा नहीं बल्कि तेजो महालय है जो भगवान शिव का मंदिर है। हम सावन के प्रत्येक सोमवार को तेजो महालय में आरती करेंगे। आगरा सर्कल के एएसआई के अधीक्षण पुरात’त्ववि’द् वसं’त स्वर्णका’र ने कहा कि ताजमहल में कभी भी कोई आर’ती या पूजा नहीं की गई है। हमने जिला अधिकारि’यों से ताजमहल के बाहर उचित सुरक्षा व्यवस्था’ उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है।

गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब दक्षि’णपं’थी समू’हों ने ताजमहल के अंदर पूजा करने को लेकर विवाद खड़ा करने का प्रयास किया है। पिछले साल दक्षिणपं’थी संगठनों की महिलाओं के एक समूह ने ताजमहल के अंदर मस्जिद में पूजा की थी ताकि साबित किया जा सके कि स्मारक मूलरूप से एक शिव मंदिर था।

2008 में शिवसेना के कार्यकर्ताओं के एक समूह ने ताजमहल में घुसकर हाथ जोड़कर परिक्रमा कर धार्मिक अनुष्ठान किया था और जब पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया तो वे हाथापाई पर उतारू हो गए थे जिसके कारण पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था।