देश का पहला ऐसा मंदिर जहाँ प्रसाद में चढ़ती है ‘मटन बिरयानी’, जानिए क्या है वजह

भारत एक विशाल देश है और जहां कई प्रकार के रीति-रिवाज़ है. देश के सबसे बड़े समुदाय हिंदू धर्म में पूजापाठ करना एक बड़ी धार्मिक रीति रिवाज है. हिंदू की मान्यताओं के मुताबिक मंदिरों में पूजा-अर्चना करने के कई अलग-अलग नियम कायदे होते हैं. देश भर में कई मंदिर है जिनमें से कई मंदिर अपनी प्राचीनता, बनावट की शैली, चमत्कारिक घटनाओं के कारण मशहूर हैं लेकिन आज हम आपको एक ऐसे मंदिर के बारे में बताने जा रहे है जिसे जानकर आप हैरान हो जाएगें.

हम बात कर रहे हैं तमिलनाडु के मदुरै जिले में तिरूमंगलम तालुक में स्थित वाड़ाक्कमपट्टी में स्थित एक मंदिर की. इस मंदिर का नाम मूनियाननदी स्वामी मंदिर है और जहां साल में एक बार तीन दिनों के लिए एक वार्षिक महोत्सव का आयोजन भी किया जाता हैं.

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खास बात यह है कि इस महोत्सव के दौरान भक्तों को प्रसाद के रूप में गरमा-गरम मटन बिरयानी परोसा जाता है. आपको बता दें कि यह प्रथा ८३ साल पुरानी है और इसका लगातार पालन किया जा रहा है.

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इस साल भी इस महोत्सव का आयोजन 25 जनवरी को किया जाएगा. महोत्सव में शामिल होने वाले भक्त गण प्लेट भरकर गरमा-गरम बिरयानी का लुफ्त उठाएंगे. न केवल भक्तों को बल्कि यहां से गुजरने वाले हर एक व्यक्ति को प्रसाद के रूप में बिरयानी खाने को दी जाती हैं.

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आपको बता दें कि इस साल इस तीन दिवसीय वार्षिक महोत्सव आयोजन 24 से 26 तक किया जाएगा. जिसमें लगभग 2 हजार किलो बिरयानी तैयार की जाएगी. इस दौरान स्वादिष्ट बिरयानी को बनाने के लिए 500 बकरों की बलि दी जाती है.

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बता दें कि इसे बनाने के लिए सैकड़ों रसोइये मिलकर काम करते हैं. तीन दिनों तक रात भर इसे बनाया जाता है. इस दौरान बिरयानी की महक पूरे गांव का ध्यान अपनी ओर खींच लेती है. इसके बाद सुबह होते है बांटने का काम किया जाता है. इसका वितरण सुबह 5 बजे से किया जाता है.