पटना: तीन लाख के करीब मुसलमान एकत्र हुए, मोदी सरकार से क्या कहा? जानिए

इमारत शरिया और ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने संयुक्त रूप से बिहार की राजधानी पटना में दीन बचाओ-देश बचाओ नाम से एक महारैली का आयोजन किया. इस रैली के दौरान केंद्र की मोदी सरकार को जमकर घेरा गया रैली में कई मुस्लिम नेताओं ने भाग दिया. रैली के दौरान मौलाना वली रहमानी और मौलाना महफूज रहमानी ने भी अपने विचार रखें. पटना के गांधी मैदान पर आयोजित की गई इस रैली के लिए बोर्ड ने इस्लाम और राष्ट्र को खतरे में बताते हुए मुसलमानों का सड़क पर उतरने का ऐलान किया गया था. जिसके बाद लाखों की तादात में मुसलमान गांधी मैदान में एकत्रित हुए.

रैली में केंद्र सरकार के तीन तलाक को लेकर लाए गए बिल से लेकर कानून व्यवस्था की मौजूदा स्थिति, संविधान और इस्लाम पर खतरे की मुद्दों पर चर्चा हुई. इन मुद्दों पर एआईएमपीएलबी और इमारत शरिया ने आक्रामक रुख दिखाया और केंद्र सरकार को जमकर घेरा गया.

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इस विशाल रैली का उद्घाटन अमीर-ए-शरीयत मौलाना मोहम्मद वली रहमानी द्वारा किया गया. उन्होंने कार्यक्रम की शुरूआत करते हुए कहा कि रैली का उद्देश्य हिन्दू-मुस्लिम सौहार्द और भाईचारे के खिलाफ खड़ी हुई ताकतों को लेकर लोगों को सचेत करना है. साथ ही ऐसी ताकतों को चेतवनी देना भी.

इस दौरान इमारत शरिया के नाजिम अनीसुर रहमान कासमी ने कहा कि हम आग्रह करते है कि यह रैली एक गैर राजनीतिक रैली है इसलिए इसे राजनीति से जोड़कर नहीं देखा जाए. उन्होंने कहा कि हमनें चार सालों तक इंतजार किया कि अब बीजेपी संविधान के अनुसार देश चलाना सीख लेगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ.

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बोर्ड के महासचिव मौलाना वली रहमानी ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार ने चार सालों से संविधान के अनुसार काम नहीं कर रही हैं. मोदी सरकार अपनी मन की चला रही है और शरीयत से छेड़छाड़ की जा रही है. सरकार ने मुस्लिम समुदाय पर तीन तलाक का कानून जबरदस्ती थोपा है इसलिए हमें देशवासियों को बताना पड़ रहा है कि धर्म और देश दोनों ही खतरे में हैं.

उन्होंने कहा कि बीजेपी द्वारा अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने के लिए इस्लाम धर्म का इस्तेमाल किया जा रहा है. देश भर में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिं$सा की जा रही है. उन्होंने कहा कि देश के मुसलमान देश के दुश्मन मुल्कों से लड़ने के लिए भी तैयार है.

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आपको बता दें कि रैली में करीब 3 लाख मुस्लिम पहुंचे. वहीं रैली के दौरान कोई अप्रिय स्थिति न बने इसलिए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए. रैली को शांतिपूर्ण तरीके से कराने के लिए 5000 सुरक्षाकर्मी, 300 दंडाधिकारी और 350 पुलिस पदाधिकारियों की तैनाती की गई है.