VIDEO: योगी की पुलिस बोली- तेरी दाढ़ी का एक-एक बाल नोंच लूंगा, अपनी पत्रकारिता अपने पास रख, उमर रशीद की आपबीती

लखनऊ: नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ देश भर में विरोध प्रदर्शन बढ़ता ही जा रहा है। देश के कई राज्यों में हिं’सक प्रदर्शन हो रहे हैं। और इस हिं’सक प्रदर्शन में सबसे ज्यादा उत्तर प्रदेश प्रभावित हुआ है। जहाँ प्रदर्शन के दौरान अभी तक कई 12 से भी ज्यादा मौ’त हो चुकी है। जिसको लेकर राज्य में पुलिसिया कार्रवाई पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। इस बीच उत्तर प्रदेश के लखनऊ में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिससे पुलिस पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

उत्तर प्रदेश की हजरतगंज पुलिस ने शुक्रवार शाम अंग्रेजी दैनिक अखबार ‘द हिंदू’ के पत्रकार उमर रशीद को हिरासत में लिया था। हिरासत में छूटने के बाद पत्रकार उमर रशीद ने जो आपबीती सुनाई है उसे जानकर हर कोई दं’ग है। पत्रकार उमर रशीद ने बताया कि वह यूपी सरकार की प्रेस कॉन्फ्रेंस को कवर करने गए थे। इस दौरान पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया।

जनसत्ता की खबर के मुताबिक, ‘द हिंदू’ के पत्रकार उमर रशीद ने बताया कि जब वह शुक्रवार शाम को यूपी सरकार की प्रेस कॉन्फ्रेंस को कवर करने बीजेपी दफ्तर के पास पहुंचे तो उन्होंने ढाबे पर बैठकर कुछ खा रहे थे, तभी चार पुलिसकर्मी सादी वर्दी में वहां पहुंचे और उन्हें और उनके साथ बैठे स्थानीय कार्यकर्ता रोबिन वर्मा को हिरासत में ले लिया।

हिरासत में लेने के बाद उन्हें नजदीक के हजरतगंज पुलिस थाने ले जाया गया। जहाँ उमर रशीद ने बताया कि पुलिस कर्मियों ने उनके फोन भी छीन लिए और उन्हें किसी को भी कॉल करने की इजाजत नहीं दी। इसके बाद उन्हें एक कमरे में बैठाया गया, जहां पुलिसकर्मियों ने रोबिन की पि’टा’ई शुरू कर दी।

रोबिन को चमड़े की मोटी बेल्ट से पी’टा गया और क’ई थ’प्प’ड़ भी मा’रे गए। जब रशीद ने उन्हें इस तरह पुलिस थाने लाए जाने पर सवाल किया तो पुलिसकर्मियों ने उन्हें शांत रहने को कहा और उनके खिला’फ आईपीसी की धारा 120बी के तहत मामला द’र्ज करने की धम’की भी दी।

 

वही पूछताछ के दौरान पुलिस ने रशीद पर आरोप लगाया कि वह नागरिकता कानून के विरोध में पुलिस की संपत्ति नष्ट करने भी’ड़ का हिस्सा थे। इस पर उमर रशीद ने इन आरोपों से इंकार किया और बताया कि वह एक पत्रकार हैं। इसके साथ ही रशीद ने अपना आई कार्ड भी पुलिसकर्मियों को दिखाया।

हिरासत में लेने के बाद रशीद ने बताया कि उनके कश्मीरी होने पर भी पुलिस कर्मियों ने सवाल किए। पुलिस कर्मियों ने पूछा कि बताओ तुमने कश्मीरी लोगों को कहां छिपा कर रखा है। पत्रकार ने कहा कि एक पुलिसकर्मी ने उन्हें धमकाते हुए कहा कि अगर मैंने उनके सवालों के जवाब नहीं दिया तो वह उनकी एक-एक दाढ़ी को नोंच लेगा।

पुलिस ने उन्हें रात 8.30 बजे तक एक थाने में बिठैए रखा। उन्होंने बताया कि जब उनकी हिरासत के संबंध में सीएम दफ्तर से फोन आया तो उन्हें पुलिस ने छोड़ा। रशीद ने बतया कि इलके बाद पुलिस कर्मियों ने उनसे अपने व्यवहार के लिए माफी भी मांगी।

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