तीन तलाक़ बिल का असली मकसद मुस्लि’म परिवारों को बर्बाद करना- गुलाम नबी आज़ाद

नई दिल्लीः तीन तलाक बिल को लेकर राज्यसभा में मंगलवार को जोरदार बहस देखने को मिली है। राज्यसभा में कांग्रेस के नेता गुलाम नबी आजाद ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह मुस्लि’मों के घरों को बर्बा’द करने की साजिश है। इसके साथ ही कांग्रेस नेता ने सरकार से तीन तलाक की बजाय मॉब लिंचिं’ग को लेकर कानून बनाने को कहा। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद मॉब लिंचिं’ग को लेकर कोई कानून बनाने की कोशिश नहीं है।

राज्यसभा में तीन तलाक बिल पर बोलते हुए नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद ने कहा कि बिल एक है, इसके पीछे मकसद दूसरा है। बिल है विवाहित मुस्लि’म महिलाओं के अधिकारों का संरक्षण लेकिन मकसद है मुस्लि’म परिवारों की तबाही। वह इसका असली मकसद है। कांग्रेस लीडर ने कहा कि एक-डेढ़ साल पहले ही मैं समझ गया था कि मुस्लि’म महिलाओं के नाम पर मु’सलमा’नों को खत्म करने की कोशिश की जा रही है।

उन्होंने कहा कि यह इस तरह की कोशिश है कि न रहे बांस न बजे बांसुरी। मुस्लिम परिवारों को तोड़ना इस बिल का असल मकसद हैं. उन्होंने कहा कि इस बिल के जरिए सरकार घर के चिराग से ही घर में आग लगाना चाहती है. घर भी जल जाएगा और किसी को आपत्ति भी नहीं होगी. दो समुदायों की लड़ाई में केस बनता है लेकिन बिजली के शॉट में किसी के जलने पर कोई केस नहीं बनता है।

उन्होंने कहा कि यह राजनीतिक रूप से प्रेरित बिल है पति-पत्नी अपने-अपने लिए वकील हायर करेंगे. वकील को पैसे देने के लिए जमीन बेची जाएगी. जे’ल का समय खत्म होने पर दोनों दिवालिया हो जाएंगे।