अयोध्या फैसले वाले दिन ये 183 लोग रहेंगे नजरबंद, पुलिस और प्रशासन ने की तैयारियां…

अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पहले जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट का जो भी फैसला होगा उसे मुसलमा’न स्वीकार करेंगे. हालांकि उन्होंने कहा कि बाबरी मस्जिद, कानून और न्याय की दृ’ष्टि में एक मस्जिद थी. करीब 400 साल तक मस्जिद थी, इसलिए शरीयत के लिहाज आज भी वो एक मस्जिद है और कयामत तक मस्जिद ही रहेगी. वही मदनी ने कहा कि अयोध्या पर सबूतों के आधार पर कोर्ट जो भी फैसला सुनाएगा उसे हम स्वीकार करेंगे।

आपको बता दें अयोध्या प्रकरण में जिस दिन सुप्रीम कोर्ट का फैसला आएगा, उस दिन बसपा के पूर्व विधायक योगेश वर्मा सहित 183 लोगों को नजरबंद कर दिया जाएगा। आपको बता दें योगेश वर्मा दो अप्रैल 2018 को भारत बंद के दौरान मेरठ में हिं’सा फैला’ने के आरोप लगे थे। हिं’सा की फाइल पुलिस ने दोबारा खोल ली है। इसमें जितने भी लोग जेल गए थे, उन सभी को नजरबंद करने की तैयारी है।

आपको बता दें पुलिस और प्रशासन के अधिकारी फैसले वाले दिन इंटरनेट सुविधा बंद कराने पर भी विचार कर रहे हैं, ताकि लोग कोई भ’ड़का’ऊ मैसेज वायरल न करा सके। एसएसपी अजय साहनी ने बताया कि दो अप्रैल 2018 को भारत बंद के दौरान मेरठ में हिं’सा हुई थी। शोभापुर पुलिस चौकी फूं’क दी गई थी। वही एक प्रदर्शनकारी की गो’ली लगने से मौ#त हो गई थी।

इस घटना में करोड़ों रुपये की संपत्ति को नुकसान पहुंचा था। इस हिं’सा में बसपा के पूर्व विधायक और मेयर पति योगेश वर्मा सहित 183 लोगों के खि’ला’फ मुकदमे दर्ज हुए थे। सैकड़ों लोग जे’ल भी गए थे। अयोध्या प्रकरण में फैसले वाले दिन इन लोगों से शहर का माहौल प्रभावित होने की आशंका है। इसलिए उस हिं#सा में नामजद हुए लोगों पर कड़ी नजर रखी जाएगी।

एसएसपी ने बताया कि दस हजार से ज्यादा व्हाट्स एप ग्रुपों पर नजर रखी जा रही है। उनमें से कुछ के नंबर सर्विलांस पर भी लिए गए हैं। उन्होंने बताया कि साइबर की अतिरिक्त चार टीमें बना दी गई हैं। वही ट्रैफिक पुलिस के पास चार ड्रोन कैमरे हैं। इसके साथ चार अन्य ड्रोन कैमरों की अलग से व्यवस्था की जाएगी। यह सभी आठ ड्रोन कैमरे अ’तिसंवे’दनशी’ल व सं’वेदनशी’ल क्षेत्र समेत कई जगह निगरानी करेंगे।

बता दें अयोध्या प्रकरण को लेकर शहर में ही हर थाना क्षेत्र में 40 से ज्यादा मीटिंग रोजाना हो रही हैं। इसके साथ पूरे जिले में 75 से ज्यादा स्थानों पर अयोध्या प्रकरण को लेकर मीटिंग हो रही हैं। सभी थानेदार और सीओ को हर रोज अलग-अलग वर्ग की बैठक करने का निर्देश दिया गया है।