राजस्थान की इन पांच मुस्लि'म महिलाओं ने रचा इतिहास, हर तरफ बेटियाें की कामयाबी के चर्चे

राजस्थान की इन पांच मुस्लि’म महिलाओं ने रचा इतिहास, हर तरफ बेटियाें की कामयाबी के चर्चे

जयपुर: शिक्षा के लिहाज से पिछड़े माने जाने वाले मुस्लि’म समुदाय आज बेटियाें की बदौलत एक उम्मीद की किरण बनकर उभरा हैं. इसकी ताजा मिसाल बनी हैं, राज्य न्यायिक सेवा (RJS 2018 Results) में चयनित 5 मुस्लि’म युवतियां नतीजा यह है कि आज मुस्लि’म समुदाय के सोशल मीडिया से लेकर न्यूज़ चैनलो और अखबारों में इनकी कामयाबी के चर्चे हैं। क्योंकि इन पांच बेटियों ने अपनी मेहनत और शिक्षा के बूते आसमान छूने में सफलता हासिल की है।

आपको बता दें राजस्थान न्यायिक सेवा भर्ती परीक्षा 2019 का रिजल्ट आज आ चूका है. राजस्थान हाई कोर्ट की ओर से मंगलवार के दिन देर रात आरजेएस रिजल्ट 2019 में राजस्थान के चूरु जिले में रहने वाले 5 युवतियों का भी सिलेक्शन हुआ है. राजस्थान में इन पांचों का एक साथ रहकर परीक्षा की तैयारी करना और आरजेस परीक्षा में सिलेक्शन होना चारो तरफ चर्चा का विषय बना हुआ है।

सना खान पुत्री हकीम खान रैंक 130, इनके पिता वकील है सना ने आरजेएस की परीक्षा दूसरे अटेम्प्ट में कंप्लीट की है. चुरू में रहने वाले इन पांचों ने अपनी कड़ी मेहनत और लगन के साथ इस परीक्षा में सफलता पाई है. अपनी मेहनत के द्वारा ये सभी लोग अपनी मंजिल तक पहुंच गए, पर इन सभी के अपनी मंजिल तक पहुंचने के सफर में प्रोफ़ेसर महावीर सिंह यादव स्कूल लॉ ने इनका मार्गदर्शन किया है।

बता दें राजस्थान में यूं तो इस बार बेटियों ने न्यायिक सेवा की इस परीक्षा में जमकर परचम फहराया है लेकिन मुस्लि’म बेटियों द्वारा हासिल की गई यह कामयाबी बड़ी इसलिए भी है क्योंकि ये समुदाय शिक्षा के लिहाज से सत्तर साल बाद भी दूसरों की तुलना में काफी पिछड़’ता जा रहा है. वही 30वीं रैंक पर आईं सानिया मनिहार की कामयाबी तो इसलिए भी अहम है क्योंकि मनिहार समुदाय में सानिया के जरिए पहली बार कोई प्रशासनिक अधिकारी के ओहदे तक पहुंचा है।

जोधपुर की बेटी मोहम्मद हसन गौरी और झुंझुनूं की बहू सोनिया के अलावा इस बार साजिदा पुत्री अब्दुल शाहिद ने 37वीं रैंक, सना पुत्री हकीम खान ने 130वीं रैंक, हुमा खोहरी पुत्री फिरोज खान ने 136वीं रैंक, शहनाज खान लोहार पुत्री सलीम खान ने 143वीं रैंक हासिल कर सफलता हासिल की है।

जबकि अल्प’शिक्षि’त समुदाय के फैसल पुत्र याकूब खान 107वीं रैंक हासिल कर आरजेएस बनने वाले अकेले मुस्लि’म युवक हैं।

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