VIDEO: दुर्गा पूजा पंडाल में आरती के दौरान चलाई अज़ान ज’मकर म’चा बबा’ल

देश भर में इन दिनों त्योहारों का माहौल है| नव दुर्गा और विजयादश’मी के पावन अवसर पर लोग खूबखुश और आ’स्था में ली’न नज़र आ रहे हैं| जगह जगह रोज़ भंडा’रे और झांकियों का आयोजन किया जा रहा है जिसके चलते दर्शन के लिए लोग दूर दूर से आकर दर्शन करते हैं| कलकत्ता जो दुर्गापूजा के लिए पूरे देश में प्रसि’द्ध है वहाँ पर नव दुर्गा का यह त्यौहार बड़े ही धूम धा’म से मनाया जाता है| दुर्गा माता तो कलकत्ता के लिए ही फेमस है लेकिन इस बार इस दुर्गा पूजा के दौरान अज़ान चलाने को लेकर जम’कर बवा’ल हो गया है|

दरअसल कोलकाता के दुर्गा पूजा पंडाल में सेक्युल’र दुर्गा पूजा के दौरान अजान और चर्च की घंटि’यों की ऑडियो बजाने को लेकर शांतनु सिं’घा नाम के एक वकील ने आयोजकों के खिला’फ केस दर्ज कराया है। यह पूरा विवा’द अज़ान और चर्च की घंटि’यों को बजाने को लेकर हुआ जिसके चलते स्थिति विवा’दास्प’द होती नज़’र आ रही है|

आपको बता दें कि इन सब को लेकर केस दर्ज कराने वाले वकील शांतनु सिं’घा का कहना है कि इस तरह के कदम का कोई भी मुस्लि’म समर्थन नहीं करेगा। उन्होने कहा कि पंडाल में अजान को बजाना किसी भी मुस’लमा’न को स्वीकार नहीं होगा।

साथ ही वकील ने कहा कि पंडाल के भीतर जिस तरह अजान को हर पांच मिनट के बाद बजाया जा रहा है उसे कोई भी मुस्लि’म स्वीकार नहीं करेगा, यह पूरी तरह से राजनीतिक है। शांत’नु ने सब को समझाते हुए आगे कहा कि बताइए आखिर कैसे दुर्गा पूजा पंडाल में अजान को बजाकर आप लोगों को सां’प्रदा’यि’क सद्भा’व का संदे’श दे सकते हैं?


उन्होंने आगे कहा कि मैंने इसके खिला’फ व्यक्तिगत रूप से शिकातय दर्ज कराई है, अगर मस्जिद से गीता के श्लोक का ऑडियो सुनाया जाए तो यह लोगों की भावना’ओं को ठे’स पहुंचाएगा। ठीक इसी तरह से मैं इस बात से आहत हूं कि दुर्गा पंडाल से अजान को सुनाया जा रहा है, यह बहुत ही दुख’द घट’ना है।

वहीँ दूसरी ओर इन सब के चलते आयोजनाकर्ताओं ने कहा कि बेवजह विवाद पैदा किया जा रहा है। इसी के साथ बे’लिया’घाटा 33 पाली के क्लब सचिव परिमल देव ने कहा कि सभी जानते हैं कि कोलकाता में दुर्गापूजा पंडा’लों को एक तरह से सामाजि’क सं’देश देने के लिए बनाया जाता है।

जानकारी के लिए बता दें कि परिमल देव ने बताया, दुर्गा पूजा के इस कार्यक्रम की थी’म थी हम एक हैं, अकेले नहीं और अपनी इस थी’म को दिखाने के लिए हमने चर्च, मंदिर और मस्जिद के मॉ’डल का इस्तेमाल किया। हमारा मकसद यह दिखाना था कि मानवता स’भी ध’र्मों से ऊपर है।

साभार: #JantaKaReporter