CAA को लेकर दो दशक पुरानी सहयोगी पार्टी ने बीजेपी को दिया झट’का, शिरोमणि अकाली दल ने कहा- अगर मुसलमा’नो को बाहर करना है तो…

नागरिकता संशोधन एक्ट (Citizenship Amendment Act) के खिला’फ विपक्ष का विरो’ध झेल रही मोदी सरकार को अब अपने घर में से ही चुनौती मिली है. पंजाब में भारतीय जनता पार्टी की दो दशक पुरानी सहयोगी पार्टी शिरोमणि अकाली दल (SAD) ने बीजेपी को तगड़ा झट’का दिया है। शिरोमणि अकाली दलको का कहना है कि नागरिकता संशोधन एक्ट (CAA) में मुसलमा’नो को भी शामिल किया जाए।

अकाली दल की मांग है कि इस कानून में मुस्लि’मों को भी शामिल किया जाए। उन्होंने कहा की हमारा देश सेक्युलर है ऐसे में सिर्फ एक धर्म को बाहर निकालना कहा तक सही है। अकाली दल के प्रवक्ता दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि ये बिल प्रताड़ित अल्पसंख्यकों की मदद करेगा या नहीं लेकिन इसमें मुस्लि’म समुदाय के लोगों को भी शामिल किया जाना चाहिए।

नागरिकता संशोधन एक्ट के खिला’फ अकाली दल की मांग- मुस्लि’म भी CAA का हिस्सा बनाए

वही अकाली दल के प्रवक्ता दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदाय के लोग जो कि पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आकर सालों से भारत में रहे हैं उन्हें इस बिल के जरिए नागरिकता मिलेगी। उन्हें भी वह सभी अधिकार मिलेंगे जिससे वह अब तक वंछित हैं। लेकिन दूसरा पहलू यह है कि मुसलमा’नों को शामिल नहीं किया गया है।

चीमा ने कहा है कि हमारी पार्टी का इस मामले में रुख एकदम साफ है। मुस्लि’मों को भी इस कानून के तहत फायदा मिलना चाहिए। किसी के भी खिला’फ धर्म के आधार पर अन्याय नहीं किया जाना चाहिए। ऐसे में केंद्र सरकार को मुस्लि’मों को भी इसमें शामिल करना चाहिए।बता दें कि नागरिकता कानून का विरोध कर रहे विपक्षी दलों के नेता मंगलवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात करेंगे।

गौरतलब है कि भले ही अब अकाली दल इस बिल में मुस्लि’मों को शामिल करने की बात कर रही हो, लेकिन लोकसभा-राज्यसभा में पार्टी ने इस कानून का सपोर्ट किया था वहीं कानून के खिला’फ देशभर में प्रदर्शन का दौर जारी है। देश के तमाम लोगो के साथ विपक्ष की मांग है कि मोदी सरकार इस कानून को वापस ले।