VIDEO: विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल धार्मिक उग्रवादी संगठन: केंद्रीय खुफिया एजेंसी (CIA)

नई दिल्ली: अमेरिका की केन्द्रीय खूफिया एजेंसी (सीआईए) द्वारा अपडेट की गयी वर्ल्ड फेक्ट बुक में विश्व हिन्दू परिषद और बजरंग दल को धार्मिक उग्रवादी संगठनो की लिस्ट में रखा गया है। विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) और बजरंग दल एक धार्मिक उग्रवादी संगठन है। दरअसल अमरीकी खुफिया एजेंसी सेंट्रल इंटेलीजेंस एजेंसी (सीआईए) ने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की शाखा विश्व हिन्दू परिषद और बजरंग दल को एक धार्मिक उग्रवादी संगठन बताया है।

सीआईए द्वारा विहिप और बजरंगदल को धार्मिक उग्रवादी संगठनों के तौर पर वर्गीकृत किये जाने पर हिन्दू संगठनों के नेताओं ने नाराज़गी जताई है। दोनों संगठनों ने कहा है कि सीआईए ने हमारे संगठन की गलत व्याख्या की है।

हम इसपर कानूनी कार्रवाई पर विचार कर रहे हैं। जिसके लिए हमने कानून विशेषज्ञों से भी बात की है और जल्द ही हम अपने ऊपर लगाए गए इस टैग को दूर करेंगे।

रिपोर्ट्स के मुताबिक बजरंग दल का कहना है कि यह बात उनके नोटिस में कुछ दिन पहले आई है और अब यह जानने के बाद कानूनी कार्रवाई के लिए विशेषज्ञों से सलाह ले रहे हैं।

गौरतलब है कि अमरीकी खुफिया एजेंसी सीआईए ने विश्व हिन्दू परिषद और बजरंग दल को पॉलिटिकल प्रेशर ग्रुप और लीडर्स कैटेगरी के तहत धार्मिक उग्रवाद संगठन बताया है।

जबकि ठीक इसके उलट राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) को एक राष्ट्रवादी संगठन बताया गया है। सीआईए ने विहिप और बजरंग दल के अलावा कश्मीर के अलगाववादी संगठन हुर्रियत कॉन्फ्रेंस और जमीयत उलेमा ए हिन्द को धार्मिक संगठन बताया है।

बता दें कि बजरंग दल के नेताओं का कहना है कि कोई भी खुफिया एजेंसी हमारे संगठन को कैसे एक उग्रवादी संगठन घोषित कर सकती है?

वही नेताओं का कहना है कि हम गोर$क्षा के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं। वनवासियों के बीच में बजरंग दल के कार्यकर्ता उनका जीवन स्तर बेहतर बनाने के लिए कार्य कर रहे हैं।

लोकसभा सांसद कटियार का कहना है कि सीआईए को इसमें भी आतं$कवाद नजर आने लगा। ये लोग राजनीति से प्रेरित रिपोर्ट कर रहे हैं। हम सीआईए की इस तरह की गतिविधियों पर कड़ा प्रतिवाद करने की तैयारी कर रहे हैं।