उद्धव ठाकरे के अयोध्या दौरे पर भड़के संत और मुसलमान कहा- राम मंदिर और बाबरी मस्जिद को…

लखनऊ: शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे अयोध्या पहुंच गए हैं. उन्होंने पूजा-अर्चना के बाद कहा कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए सरकार को अध्यादेश लाना चाहिए. ठाकरे ने कहा कि राम मंदिर का निर्माण जल्द से जल्द करना होगा. सरकार को राम मंदिर निर्माण के लिए अध्यादेश लाना चाहिए. इस बीच अयोध्या के संत समाज और मुसलमानो ने कहा कि अगर उद्धव ठाकरे दर्शन के लिए आएं हैं तो ठीक है, लेकिन इसे राजनीतिक आखाड़ा न बनाएं।

वहीं, मुस्लिम समाज ने उद्धव के अयोध्या दौरे को कानून का ‘मजाक उड़ाना’ बताया है. मणिरामदास छावनी के उत्तराधिकारी कमल नयन दास ने कहा, रामजी के दर्शन के लिए जो भी भक्त आए, अच्छी बात है. मगर इसे राजनीतिक आखाड़ा न बनाएं अपनी राजनीतिक रोटियां यहाँ आकर न सेके तो ज्यादा भेतर रहेगा।

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संत समिति के अध्यक्ष महंत कन्हैयादास रामायणी ने कहा कि अब देरी बर्दाश्त नहीं है. भगवान राम को कांग्रेस ने 35 वर्ष तक जेल में बंद रखा, जब राम मंदिर बनेगा, तभी हमें धार्मिक स्वतंत्रता मिलेगी. दर्शन-पूजन के लिए कोई आए, हमारी तरफ से कोई मनाही नहीं है. बस इस विषय को राजनीति से दूर रखा जाए वो ज्यादा अच्छा रहेगा।

वही हनुमान गढ़ी के महंत राजू दास ने कहा कि अयोध्या अभी तक उपेक्षित रहा है. योगी अदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद से ही यहां हलचल बढ़ी है. उद्धव ठाकरे आए तो अच्छी बात है, स्वागत है. वह एक भक्त बनकर आएं तो अच्छी बात है. इस बार उनकी पार्टी के सांसदों की संख्या ठीक-ठाक है. रामलला परिसर को राजनीति के आखाड़े से दूर ही रखें तो बेहतर होगा।

अयोध्या में राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद में पक्षकार इकबाल अंसारी को शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे का अयोध्या में आने का कारण समझ में नहीं आया. अंसारी ने ठाकरे की अयोध्या यात्रा को ‘राजनीति से प्रेरित’ बताया अंसारी ने कहा कि ठाकरे यहां बाबरी मस्जिद बनाम राम जन्मभूमि की राजनीति न करें तो बेहतर होगा. इस मामले को हल करने के लिए पैनल बनाया गया है, वही पैनल बातचीत के लिए हिंदू और मुसलमान पक्षकारों को बुला रहे हैं।

पक्षकार इकबाल अंसारी ने कहा कि जन्मभूमि की राजनीति करना कानून में आता है और कानून का कई लोग मजाक उड़ा रहे हैं. अयोध्या एक धार्मिक स्थल है, लेकिन नेता यहां केवल राजनीति करने आते हैं. ये लोग अपने मकसद के लिए राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद की राजनीति करते हैं. अयोध्या साधु-संतों का शहर है और जहां साधु होते हैं वहां शांति होती है।

बाबरी एक्शन कमेटी के संयोजक जफरयाब जिलानी का कहना है कि इस मामले को तूल देने की जरूरत नहीं है. महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव होना है, इसीलिए यहां पर दर्शन-पूजन करके ये वहां पर लोगों को अपनी बहादुरी बताएंगे. इन लोगों की नीयत से सब लोग वाकिफ हैं।

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