पुरुषों को डिटेंशन कैंप और महिलाओं की न’सबंदी, चीन में उइगर मुसलमानों पर बे’इंतहा जुल्म

पेइचिंग: कोरोना वायरस के केहर के बीच एक बार फिर चीन उइगर मुसलमान सुर्खियों में हैं। बता दें चीन के शिनझियांग प्रांत में लगभग 11 मिलियन उइगर मुसलमान हैं। और लगभग सभी उइगर इस्लाम धर्म को मानते हैं और चीन में यह धार्मिक अल्पसंख्यक समुदाय में आते है। शिनझियांग प्रांत में उइगर लोगों की संख्या करीबन 44% है और इनमें से लगभग 41% उइगर मुसलमान है यानि इस्लाम धर्म को मानते हैं।

उइगर मुसलमान हमेशा से चीन की सरकार के निशाने पर रहे हैं। चीन सरकार का मानना है कि यह उइगर चीन के लिए खतरा हैं। जिसको लेकर चीन ने इनपर कई पाबंदिया लगा राखी है। चीन ने इनपर दाढ़ी बढ़ाने और नकाब पहनने के कारण भी ऐक्शन लिया है और उन्हें अज्ञात जगह पर हिरासत में भेज दिया गया है।

चीन के सबसे बड़े उइगर मुस्लिम धर्म गुरु भी कैद

बता दें चीन के सुदूर पश्चिम में उइगर मुस्लिम धर्म गुरु खेती करने वाले अपने समुदाय की आधारशिला रहे हैं। शुक्रवार को वह उपदेश देते थे कि इस्लाम शांति को मानने वाला धर्म है। रविवार को वह हर्बल दवाइयों से लोगों का मुफ्त में इलाज करते थे। सर्दियों में वह गरीबों के लिए कोयला खरीदकर उनकी मदद करते थे। लेकिन 3 साल पहले लाखों उइगर चीनी सरकार के निशाने पर आ गए थे जिन्हे कैद कर दिया गया।

हाल ही में आये एक नए डेटाबेस से कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। उनसे एमर, उनके तीनों बेटों और सैकड़ों दूसरे उइगरों को हिरासत में लिए जाने का कारण पता चलता है। न्यूज एजेंसी एपी द्वारा जुटाए गए डेटाबेस में 311 लोगों की जबरन नजरबंदी की गई थी। इन लोगों के रिश्तेदार विदेश में हैं और उनके 2,000 से ज्यादा रिश्तेदारों, पड़ोसियों और दोस्तों के बारे में सूचनाएं इसमें लिस्टेड हैं।

हर एंट्री में हिरासत में लिए गए व्यक्ति का नाम, अड्रेस, नैशनल आईडेंटिटी नंबर, हिरासत की तारीख और लोकेशन शामिल हैं। इसके अलावा उनके परिवार, धर्म और पड़ोसी का बैकग्राउंड, हिरासत में लेने की वजह और उन्हें रिहा किया जाना है या नहीं, यह सब भी शामिल है। पिछले एक साल में जारी हुए इन डॉक्युमेंट्स में यह नहीं बताया गया है कि किस सरकारी विभाग ने और क्यों इन दस्तावेजों को तैयार किया गया है।

वही इस डेटाबेस में इस बात का भी जिक्र किया गया है की चीनी सरकार द्वारा सिर्फ राजनीतिक उग्रवाद ही नहीं बल्कि धर्म भी हिरासत में लेने का मुख्य कारण रहा। लेकिन चौंकाने वाली बात है कि रोजमर्रा की साधारण चीजें जैसे प्रार्थना, मस्जिद में जाना, दाढ़ी बढ़ाना और नकाब पेहेनने के कारणों हिरासत में लिया जाता है। ज्यादातर कैंपों में ऐसे लोग हिरासत में हैं जो अपने रिश्तेदारों के साथ हैं।

नबभारत टाइम्स की खबर के अनुसार शिनझियांग प्रांत की सरकार ने इस बारे में अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। जब विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जेंग शुआंग से पूछा गया कि एक खास धर्म के लोगों और उनके परिवारों को निशाना बनाया जा रहा है तो उन्होंने कहा, इस तरह की बकवास टिप्पणी करने लायक नहीं है।

बता दें इससे पहले चीनी सरकार ने कहा था कि ये डिटेंशन कैंप वॉलंटरी जॉब ट्रेनिंग के लिए हैं और इनमें धर्म के आधार पर कोई भेदभाव नहीं है। चीन के शिनझियांग प्रांत में उइगर हर पल कैद में जीने को मजबूर हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, चीन में करीब 10 लाख उइगर मुसलमानों को कैद करके डिटेंशन कैंपों में रखा गया है।