यूपी वासियों को लगेगा महंगी बिजली का तगड़ा झटका, अब फैक्ट्री के बराबर घर की बिजली दर, जानिए पूरी डिटेल में

लखनऊ: लोकसभा चुनाव के खत्म होते ही उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन ने लोगो की नींद उड़ा दी प्रदेशवासियों को महंगी बिजली का तगड़ा झटका लगने वाला है। पावर कारपोरेशन प्रबंधन ने सभी श्रेणियों के तकरीबन तीन करोड़ उपभोक्ताओं के लिए बिजली की मौजूदा दरों में जबरदस्त बढ़ोतरी का प्रस्ताव उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग में दाखिल किया है। घरेलू बिजली की दरें 6.20 से 7.50 रुपये प्रति यूनिट तक प्रस्तावित हैैं। कामर्शियल बिजली की दरें भी 8.85 रुपये प्रति यूनिट तक करने के साथ ही फिक्स्ड चार्ज को बढ़ाने का प्रस्ताव है।

अब इस पर राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने आपत्ति जताई। उन्होंने इसे बीपीएल ओपभोक्ताओं और किसानों के साथ धोखा बताकर वृद्धि के प्रस्ताव को वापस न लेने पर आंदोलन करने का ऐलान किया। वहीं बिजली दरों में बढ़त पर पहले सपा और कांग्रेस ने भी विरोध जताया। इसी कड़ी में अब बसपा प्रमुख मायावती ने ऐतराज जताया है।

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मायावती इसे निन्दनीय बताकर सरकार की सौभाग्य योजना को दुर्भाग्य योजना बताया है। मायावती ने कहा की यूपी की त्रस्त जनता व बीपीएल परिवारों पर भी बिजली की दरों में भारी वृद्धि करके उन्हें तेज झटका देने की सरकारी तैयारी घोर निन्दनीय। लोकसभा चुनाव के बाद क्या बीजेपी सरकार इसी रूप में यूपी की 20 करोड़ जनता को आघात पहुँचाएगी?

पावर कार्पोरशन ने बिजली की दरों में बढ़ोत्तरी के लिए यूपी विद्युत नियामक आयोग को प्रस्ताव भेजा। कार्पोर्शन ने 2019-20 के लिए बिजली दर में बढ़ोत्तरी के लिए जो प्रसाताव भेजा है, उसे सबसे ज्यादा बीपीएल उपभोक्ताओं के बिल में की गई है। वहीं घरेलू ग्रामीण (अनमीटर्ड) में 400 रुपये किलोवाट प्रतिमाह से उसे बढ़ाकर 500 रुपये किलोवाट प्रतिमाह कर देने का प्रस्ताव है।

1 अप्रैल 2019 से ग्रामीणों की अनमीटर्ड दरों को 300 से बढ़ाकर 400 रुपये प्रतिमाह किया गया। लेकिन ग्रामीण 24 घंटे बिजली के फायदे से दूर ही रखे गए। उल्टा उन्हें बढ़ा हुआ दर देना पड़ा। अब एक बार फिर उनके लिए बिजली दर को 400 रुपये किलोवाट प्रतिमाह से बढ़ाकर 500 रुपये किलोवाट प्रतिमाह किए जाने का प्रस्ताव भेजा गया है।

बिजली कंपनियों ने शहरी घरेलू बिजली उपभोक्ताओं का प्रति किलोवाट फिक्स्ड चार्ज 100 रुपये से बढ़ाकर 110 रुपये करने का प्रस्ताव दिया है। वहीं, बीपीएल कनेक्शन पर फिक्स चार्ज 50 रुपये प्रति किलोवाट बढ़ाकर 75 रुपये प्रति किलोवाट का प्रस्ताव है। उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश वर्मा का कहना है कि फिक्स चार्ज पर बिजली कंपनियां उपभोक्ताओं के साथ अन्याय कर रही हैं।

इसे रोकने के लिए प्रस्तावित बिजली दर के मु्द्दे पर प्रदेश भर में आंदोलन शुरू किया जाएगा। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा से बिजली दरों में वृद्धि का प्रस्ताव वापस लेने की भी मांग की।

बिजली दर में है इस तरह बढ़ोत्तरी का प्रस्ताव, यूनिट वर्तमान दर प्रस्तावित वृद्धि

0-150 4.90 रुपये 6.20 रुपये
151-300 5.40 रुपये 6.50 रुपये
301-500 6.20 रुपये 7 रुपये
500 से ज्यादा 6.50 रुपये 7.50 रुपये
घरेलू (बीपीएल) 3 रुपये से 100 यूनिट 3 रुपये से 50 यूनिट तक
घरेलू ग्रामीण (अनमीटर्ड) 400 रुपये किलोवाट प्रतिमाह 500 रुपये किलोवाट प्रतिमाह