UP Police की महिला कांस्टेबल, ड्यूटी के बाद झुग्गी-झोपड़ी के गरीब बच्चों को पढ़ाती हैं, जो देखता है तारीफें करता थकता नहीं

बुलंदशहर: उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले के खुर्जा में यूपी पुलिस की एक महिला कांस्टेबल खूब चर्चाओं में हैं। यहां ये महिला कांस्टेबल पुलिस वाली मैडम के नाम से काफी लोकप्रिय हो रही हैं। इनका नाम है गुड्डन चौधरी। और गरीब बच्चों को मुफ्त शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से महिला पुलिस कांस्टेबल गुड्डन चौधरी अपनी ड्यूटी के बाद फुटपाथों और सड़कों पर विशेष कक्षाएं चलाती हैं। पुलिस वाली मैडम गुड्डन चौधरी की क्लास में बच्चों की संख्या बढ़ती ही जा रही है, वो झुग्गी-झोपड़ियों और सड़क पर रहने वाले बच्चों को पढ़ाती हैं।

एएनआई की खबर के अनुसार गुड्डन चौधरी बताती है कि मैंने खुर्जा में एक कांस्टेबल के रूप में तैनात होने से पहले भी कई अनपढ़ बच्चों को पढ़ाना सूरी किया था मैं इन बच्चों को तीन या चार महीने से यहां पढ़ा रही हूं। मेरा मानना ​​है कि कुछ बच्चे जो बेहद गरीब परिवार से आते है और इस गरीबी के कारण शिक्षा से वंचित रह हैं। हम सभी को कम आय वाले परिवारों से आए बच्चों को पढ़ाने के लिए अपने सांसारिक जीवन से कुछ घंटे निकालने चाहिए।

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बुलंदशहर जिले के खुर्जा में गुड्डन अपने जिले के बच्चों के बीच पुलिस वाली मैडम के रूप में लोकप्रिय हैं। खुर्जा में कई अनपढ़ बच्चों को अब मुफ्त और अच्छी शिक्षा प्राप्त करने के बाद काफी विशेषाधिकार प्राप्त होने लगे हैं।

उन्होंने कहा मैं अपने ड्यूटी के बाद कुछ घंटे यहाँ देती हूं ताकि जो बच्चे अच्छी शिक्षा का खर्च उठाने में असमर्थ हैं उन्हें ज्ञान प्रदान किया जा सके। वर्तमान में मैं एक सरकारी स्कूल में उनके प्रवेश की मांग कर रही हूं मैं स्कूल के प्राचार्य से इनको स्वीकार करने का आग्रह कर रही हूं।

गुड्डन इन बच्चों की शिक्षा के लिए आवश्यक पाठ्यपुस्तकों पेन पेंसिल और अन्य स्टेशनरी सामग्री खरीदने पर अपनी आय का 30 प्रतिशत से 40 प्रतिशत तक खर्च करती हैं। वर्तमान में उन्होंने इन बच्चों के लिए आधार कार्ड के लिए आवेदन किया है जो एक सरकारी स्कूल में प्रवेश पाने के लिए प्राथमिक कदम है।

पुलिस वाली मैडम के इस काम को लेकर एक अभिभावक आशा देवी ने एएनआई को बताया हम अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा प्रदान करने के लिए बहुत गरीब हैं। पुलिस वली मैडम हम सभी के लिए बहुत कुछ कर रही है। वह इन बच्चों के दाखिले के लिए पूरी कोशिश कर रही है। उम्मीद है हमारे बच्चे जल्द ही एक सरकारी स्कूल में पढ़ेंगे।

गुड्डन 2016 में खुर्जा के कोतवाली पुलिस स्टेशन में तैनात हुई थी। वह कई सालों से कई जरूरतमंद बच्चों को पढ़ा रही हैं। वह मानती है कि अज्ञानता के अंधकार को दूर किया जाना चाहिए और शिक्षा का सूरज इन गरीब बच्चों के जीवन में बढ़ना चाहिए।

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