पहली बार अमेरिकी सांसदों ने कश्मीर पर भारत के खिलाफ एक कदम उठाया, लेकिन भारत सरकार ने नहीं दी…

जम्मू कश्मीर से मोदी सरकार द्वारा हटाए गए अनुच्छेद 370 के ज्यादातर प्रावधान को आज 2 महीने बीत चुके हैं| अब वहाँ के हालात और लोगों को लेकर दुनियाभर से कई प्रतिक्रियाएं आ रही हैं जिसके चलते कई देश जबरजस्ती बंदी बनाकर रखे गए कश्मीरी लोगों को रिहा करने की आवाज उठा रहे हैं| इसी के चलते जम्मू कश्मीर पर अपने मुखर विचारों के लिए अधिकतर चर्चा में रहने वाले अमेरिकी सीनेटर कश्मीर का दौरा करने की भारत सरकार से इजाज़त मांग रहे है।

बता दें कि भारत सरकार ने डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता को अनुमति देने से साफ़ इनकार कर दिया है, जिसके लिए क्रिस वान हॉलेन को भारतीय राजनीति का जानकार माना जाता है। क्रिस वान हॉलेन पहली अमेरिकी सीनेटर हैं जिन्हें जम्मू कश्मीर का स्पेशल स्टेटस हटने के बाद सरकार ने अनुमति देने से इनकार कर दिया है।

आपको बता दें कि अमेरिकी सीनेटर क्रिस वान का जन्में करांची में हुआ और उन्होंने अपनी स्कूली पढ़ाई कोडइकनाल में पूरी की है जिनके पिता श्रीलंका में अमेरिकी राजदूत थे। इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए वान हॉलेन ने बताया कि मैं कश्मीर जाकर देखना चाहता था कि वहां क्या हो रहा है लेकिन भारत सरकार ने इसकी अनुमति नहीं दी।


साथ ही क्रिस वान ने कहा कि हमने एक सप्ताह पहले सरकार से आग्रह किया था लेकिन सरकार ने कहा कि अभी वहां जाने के लिए यह उचित समय नहीं है। हालांकि इस मामले पर अभी तक भारत सरकार की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।


वहीँ रिपोर्ट के मुताबिक सीनेटर की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार ने यह फैसला लिया है। इसी के चलते वान हॉलेन ने कहा कि मेरा मानना है कि अगर आप कुछ छिपा नहीं रहे हो तो आपको डरने की जरूरत नहीं है। मैं सिर्फ इतना कहना चाहता हूं कि भारत सरकार नहीं चाहती कि हमें पता चले कि वहां क्या हो रहा है।

साभार: #thehindu