मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर आई बड़ी खबर, प्रशासनिक महकमे में मचा ह'ड़कं'प, खुफिया विभाग हुआ स'क्रिय

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर आई बड़ी खबर, प्रशासनिक महकमे में मचा ह’ड़कं’प, खुफिया विभाग हुआ स’क्रिय

देश भर में व्यप्त कोरोना संकट के बीच उत्तर प्रदेश से एक बड़ी खबर सामने आई हैं. बताया जा रहा है कि जनसंख्या की सु’ष्टि से देश के सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को जा’न से मा’रने की ध’म’की दी गई हैं. इस ध’म’की के बाद से ही पुरे यूपी प्रशासन में ह’डकं’प मच गया है. प्रशासन के आला अधिकारी सीएम की सुरक्षा और ध’म’की देने वाली की जानकारी जुटाने में लग गए हैं. इतना ही नहीं पुलिस के अलावा ख़ुफ़िया विभाग भी अ’लर्ट हो गया है.

आज तक की खबरों के अनुसार, शुक्रवार की सुबह मुख्यमंत्री अजय विष्ट उर्फ़ योगी आदित्यनाथ को ब’म से उ’ड़ा’ने की ध’म’की दी गई. यह ध’म’की एक मैसेज के जरिए दी गई है. बताया जा रहा है कि किसी असामा’जिक तत्व द्वारा डायल 112 की सोशल मीडिया डेस्क के व्हॉट्सएप नंबर 7570000100 पर यह ध’मकी भरा मैसेज भेजा हैं.

 

मैसेज के अनुसार योगी को एक विशेष समुदाय के लिए खत’रा बताया गया है और उन्हें ब#म से उ’ड़ा’ने की खुली चे’ताव’नी दी गई है. मैसेज में लिखा गया था कि मैं सीएम योगी आदित्यनाथ को ब#म से मा’रने वाला हूं जिसके बाद एक खास समुदाय का नाम लिखा था की जा’न का दुश्मन है वो.

इस मसले को लेकर गोमती नगर थाने में मामला दर्ज किया गया है. आला अधिकारियों के अनुसार गोमती नगर पुलिस स्टेशन में यह केस धारा 505 (1) बी 506 और 507 के तहत दर्ज कर लिया गया है. खास बात यह है कि पुलिस ने योगी की सुरक्षा के मामले को लेकर जरा भी देर नहीं की.

बताया जा रहा है कि यह मैसेज रात में करीबन 12 बजकर 32 मिनट पर हुआ और इसके महज 19 मिनट बाद ही 12 बजकर 51 मिनट पर थाने में एफआईआर दर्ज कर दी गई. पुलिस ने बताया कि ध’म’की मोबाइल नंबर 8828453350 द्वारा दी गई है. इस नंबर के आधार पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज करके जांच शुरू कर दी हैं. पुलिस जानकारी निकल रही कि यह नंबर किसका है.

वहीं उत्तर प्रदेश में कोरोना पॉजिटिवों की तादात तेजी से बढ़ रही हैं. हाल ही में कोरोना ने 360 नए मामले सामने आए हैं. सूबे में अब तक इस म’हामा’री के चलते 138 लोग दुनिया छोड़ कर चल बसे हैं. उत्तर प्रदेश में अब तक कुल सं’क्रमि’तों की संख्या 5515 हो गई है जिसमें से 3204 लोगों को इलाज के बाद हॉस्पिटल से डिस्चार्ज कर दिया गया हैं.

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