देखें विडियो: हिन्दुस्तान की ज़मीन पर बाबरी ढांचा एक कलंक- वसीम रिजवी

अपने विवादित बयानों के चलते अक्सर चर्चा में रहने वाले शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सैयद वसीम रिजवी ने एक बार फिर से विवादित बयान दिया है| वसीम रिजवी अपने बयान को अक्सर इस्लाम और मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाते रहे है. वसीम रिजवी ने हाल ही में अयोध्या पहुंच कर राम मंदिर के निर्माण की वकालत करते हुए अपने तरफ से इस मामले में प्रयास शुरू करने का ऐलान किया था| जिसके चलते मुस्लिम कौम में वसीम रिजवी के खिलाफ काफी नाराजगी देखने को मिली थी।

बाबरी मस्जिद एक कलंक

हाल ही में रिजवी ने अयोध्या पहुंच कर रामलला के दर्शन किये थे इसके बाद उन्होंने राम मंदिर के निर्माण से जुड़े साधू संतों से मुलाकात की थी. जहां उन्होंने राम मंदिर निर्माण के लिए खुद को संकल्पबद्ध बताया था| इसके बाद अब वसीम रिजवी ने एक बार फिर से विवादित बयान देते हर बाबरी मस्जिद को कलंक घोषित किया। रिजवी ने कहा कि हिंदुस्तान की धरती पर बाबरी ढांचा एक कलंक है| उन्होंने कहा कि समझौते की मेज पर बैठकर हार-जीत के बिना रामलला का हक हिंदुओं को वापस करना चाहिए।

मंदिर के मलबे पर है बाबरी मस्जिद

इसके साथ ही एक नई अमन की मस्जिद लखनऊ में जायज पैसों से बनाने की पहल करनी चाहिए, उन्होंने कहा कि मस्जिद के नीचे की खुदाई 137 मजदूरों ने की थी जिनमें से सिर्फ 52 मुसलमान थे| जब खुदाई की गई थी तो उस दौरान 50 मंदिर स्तंभों के नीचे ईटों का बनाया गया चबूतरा मिला था|

वसीम रिजवी ने शुक्रवार को एक बयान जारी करते हुए कहा कि मंदिर से जुड़े कुल 265 पुराने अवशेष भी प्राप्त हुए है और इसी को आधार मानते हुए भारतीय पुरातत्व विभाग इस निर्णय पर पहुंचा था कि बाबरी मस्जिद के नीचे एक मंदिर दबा हुआ है| सीधे तौर से कहा जाए तो बाबरी ढांचा इन मंदिरों को तोड़कर इनके मलबे के ऊपर बनाई गई है|

रिजवी ने कहा कि इस बात का उल्लेख के.के. मोहम्मद की किताब मैं भारतीय हूं में भी देखने को मिलता है. ऐसी स्थिति में बाबरी कलंक को जायज मस्जिद कहना इस्लाम के सिद्धांतों के विरुद्ध है. उन्होंने अपील करते हुए कहा कि अभी भी समय है बाबरी मुल्ला अपने गुनाहों से तौबा करें। पैगंबर मोहम्मद साहब के इस्लाम को मानें|