वीडियो: भावनाएं भड़काने के आरोप में वसीम रिज़वी पर दर्ज हुई FIR, जल्द हो सकती है गिरफ्तारी

केंद्र की मोदी सरकार को साढ़े चार साल पुरे हो चुके है, ऐसे में आम चुनाव के लिए अब सिर्फ छह महीने का समय रहा गया तो तो ऐसे में देश के सबसे बड़े विवादित मुद्दे बाबरी मस्जिद और राम मंदिर को हवा देने का काम भी शुरू हो गया हैं. हाल ही में इस मुद्दे को लेकर एक फिल्म का निर्माण किया गया था. इस फिल्म का नाम राम जन्मभूमि रखा गया था और अभी तक इस फिल्म का पोस्टर और ऑफीशियल ट्रेलर जारी किया जा चूका है.

इस फिल्म का निर्माण शिया वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष वासिम रिजवी द्वारा बनाई गई है. वासिम रिजवी कई मौकों पर राम मंदिर निर्माण की वकालत कर चुके है, वह अयोध्या के विवादित ढांचे पर राम मंदिर निर्माण के प्रबल समर्थक है.

लेकिन अब राम जन्मभूमि के निर्माताओं के लिए बुरी खबर सामने आई है. दरअसल बोम्बे हाईकोर्ट ने इस फिल्म के ट्रेलर को यूट्यूब पर दिखाए जाने पर रोक लगा दी है जो फिल्म निर्मताओं के लिए बहुत तगड़ा झटका साबित हुई है.

इतना ही नही कोर्ट ने मामले पर सख्त रैवैया दिखाते हुए ट्रेलर से सभी आपत्तिजनक सीन हटाने का आदेश भी दिया है. दरअसल इस फिल्म में मुस्लिम कट्टरता दिखाई गई थी जिसके बाद कई धार्मिक संगठनों ने इस फिल्म पर अप्पति जताई थी.

वही सामाजिक कार्यकर्ता अजहर तंबोली ने रिजवी के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी. इसी याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट की बीपी धर्माधिकारी और एसवी कोटवाल की डिविजन बेंच ने बड़ा फैसला सुनाया हैं.

याचिकाकर्ता के वकील ने न्यूज़ एजेंसी एएनआई को बताया कि कोर्ट ने फिल्म के निर्देशक को सोशल मीडिया पर फिल्म के ट्रेलर, पोस्टर और अन्य किसी भी सामग्री के जरिए देश भर में फिल्म के प्रचार प्रसार को रोकने का आदेश जारी किया है.

कोर्ट ने साफ किया है कि सेंसर बोर्ड से पास कराए बिना फिल्म को रिलीज नही किया जाएगा. वहीं मना जा रहा है कि अगर वासिम रिजवी कोर्ट के आदेश का पालन नहीं करते है तो उन्हें जेल जाना पड़ सकता हैं.