कॉलेज की टॉपर 360 km का सफर तय कर गोल्ड मेडल लेने पहुंची, लेकिन बुर्के की वजह से नहीं….

मुसलमा’नों के प्रति लोगों की धारणाएं दिन व दिन बढ़ती जा रही हैं| मुस्लि’म पहनावे को लोग दिन व दिन खत्म करने का प्रयास कर रहे हैं| मुस्लि’म पहनावे यानि बुरखे को लेकर ऐसा ही एक मामला सामने आया है| दरअसल रांची का मारवाड़ी कॉलेज ग्रेजुएशन सेरेमनी तारीख़ 15 सितंबर वक्त दोपकर के करीब 12 बज रहे थे सेरेमनी में डिग्री लेने आई ओवर ऑल बेस्ट ग्रेजुएट निशत फातिमा समारोह में डिग्री नहीं ले सकी क्यों? क्योंकि वह बुर्के में आई थी|

बता दें कि गोल्ड मेडल के लिए निशत का नाम सबसे पहले पुकारा गया था लेकिन वह बुर्के में थी इसलिए उसे स्टेज पर जाने से रोक दिया गया और मंच से कहा गया कि निशत कॉलेज द्वारा तय ड्रेस कोड में नहीं आयी हैं इसलिए उन्हें समारोह में डिग्री नहीं दी जाएगी|

इसके बाद वह अपने सीट पर जाकर बैठ गई फिर दूसरे टॉपर्स को डिग्री दी गई| बता दें कि निशत पाकुड़ से रांची करीब 360 किलोमीटर की दूरी तय करके डिग्री लेने पहुंची थी लेकिन बुर्के की वजह से उसे खाली हा’थ लौटना पड़ा|

जानकारी के लिए बता दें कि कॉलेज ने पहले ही सेरेमेनी के लिए ड्रेस कोड तय कर दिया था और इसके लिए सभी छात्रों को नोटिस भी जारी किया गया था| ड्रेस कोड के मुताबिक़ लड़कों को सफेद रंग का कुर्ता पायजामा और छात्राओं को सलवार सूट दुपट्टा या साड़ी ब्लाउज में आना था| सभी छात्रों को इस ड्रेस कोड के बारे में पहले ही सूचित कर दिया गया था|

इस पूरे मामले के चलते निशत के पिता मोहम्मद इमरामुल ने डिग्री नहीं दिए जाने को लेकर कहा कि निशत बिना बुर्का पहने कहीं नहीं जाती है| बुर्का हमारी परंपरा में शामिल है इसलिए उसने पर्दा के लिहाज से बुर्का नहीं उतारा| इसके बाद उन्होंने कहा कि हम अपनी बेटी को मारवाड़ी कॉलेज ले जाकर गोल्ड मेडल और डिग्री ले लेंगे|

साभारः #DainikBhaskar