जहां नीतीश और शाह ने की रैलियां, उन सीटों पर बना सबसे बड़ा रिकॉर्ड

जहां नीतीश और शाह ने की रैलियां, उन सीटों पर बना सबसे बड़ा रिकॉर्ड

नई दिल्ली: दिल्ली विधानसभा चुनाव 2020 का रिजल्ट घोषित हो चुके हैं। और आम आदमी पार्टी (AAP) को भारी बहुमत मिला है। वही दिल्ली विधानसभा सीटों पर आप के विधायकों ने रिकॉर्ड तोड़ जीत दर्ज की है। ऐसे में हर तरफ आप की चर्चाएं हो रही है। और इन सभी चर्चाओं में रहा दिल्ली का वह नाम है जहाँ से बीजेपी ने अपनी दिल्ली की राजनीति की शुरुआत की थी। और वो है दिल्ली का शाहीन बाग़।

दिल्ली चुनाव में आप की लहर का अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि बिहार के नीतीश कुमार, सीएम योगी और गृह मंत्री अमित शाह की साझा ताकत भी उनके सामने फीकी साबित हुई. बीजेपी स्टार प्रचारक कहे जाने वाले सीएम योगी और अमित शाह जैसे दिग्गज आप प्रत्याशीयो के सामने चारों खाने चित हुआ बल्कि ये हार 2020 में दिल्ली की सबसे बड़ी हार बनकर इतिहास में दर्ज हो गई।

दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजों का अगर हम पोस्टमार्टम करें तो हमारी निगाहें बुराड़ी विधानसभा सीट पर जाती है. इस सीट पर जेडीयू के प्रत्याशी शैलेन्द्र कुमार को आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी संजीव झा ने रिकॉर्ड 88158 वोटों से हराया. इस बार के दिल्ली विधानसभा चुनाव में ये सबसे बड़ी शिकस्त है।

बता दें इस सीट पर जीत के लिए जेडीयू और बीजेपी ने कोई कसर नहीं छोड़ी. दिल्ली विधानसभा के लिए हुए समझौते के तहत बुराड़ी सीट जेडीयू के खाते में गई थी. जेडीयू ने इस सीट से संजीव झा को मैदान में उतारा था. जहाँ उनके समर्थन में 2 फरवरी को नीतीश कुमार और अमित शाह ने विशाल रैली की थी. लेकिन नीतीश-शाह की ताकत अकेले केजरीवाल के आभा के सामने फीकी पड़ गई।

वही पिछली बार हुए 2015 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में बीजेपी को AAP प्रत्याशी संजीव झा ने पटखनी दी थी। क्योकि वहां के जमीनी स्‍तर पर देख जाये तो पूर्वांचल के लोगों में स्‍थानीय सांसद और प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी है, जिन्होंने पूर्वांचली होने के बाद भी स्‍थानीय स्‍तर पर कुछ नहीं किया।

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