JNU के बारे में नफरत फैलाने वाले मोदी बताएं आपने कौनसी यूनिवर्सिटी बनाई जो JNU से बेहतर है

JNU के बारे में नफरत फैलाने वाले मोदी बताएं आपने कौनसी यूनिवर्सिटी बनाई जो JNU से बेहतर है

बिहार के उप-मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी जेएनयू के छात्रों के विरोध प्रदर्शन पर ट्वीट किया। बता दें जिस बिहार की सारी यूनिवर्सिटी कूड़े के ढेर में तब्दील हो चुकी है वहां के उप मुख्यमंत्री का जेएनयू यूनिवर्सिटी को लेकर ऐसी भाषा में ट्विट कर रहे है. क़ायदे से वो बता सकते थे कि बिहार में उन्होंने कौन सी ऐसी यूनिवर्सिटी बनाई है जो जेएनयू से बेहतर है। सुशील कुमार मोदी के इस ट्वीट को लेकर सोशल मीडिया पर उनकी काफी आलोचना हो रही है। इस आलोचना में यूजर ही नहीं बल्कि नेताओं ने भी सुशील कुमार मोदी पर तंज कसा है।

दरअसल, जेएनयू के छात्र पिछले एक हफ्ते से हॉस्टल के बढ़े फीस को लेकर सरकार के खिला’फ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी को लेकर उप-मुख्यमंत्री सुशील कुमार ने एक ट्वीट जिसमे लिखा, की जेएनयू में फीस वृद्धि कोई इतना बड़ा मुद्दा नहीं कि इसके लिए संसद मार्च निकाला जाए। हकीकत यह है कि जो शहरी नक्स’ली इस कैम्पस में बीफ पार्टी, पब्लिं’क किसिं’ग, महि’षासु’र महिमामंडन स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा का मानभंजन और देश के टुकड़े-टुकड़े करने के नारे लगाने जैसी गतिविधियों।

आपको बता दें सुशील कुमार मोदी ने यह ट्वीट 19 नवंबर की शाम को किया है। सुशील मोदी के इस ट्वीट को लेकर सोशल मीडिया पर उनकी काफी आलोचना हो रही है। और इस आलोचना में यूजर ही नहीं बल्कि नेताओं ने भी सुशील मोदी पर तंज कस रहे है। इसी ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रवक्ता अमीक जामेई ने तंज कस्ते हुए लिखा, सठिया गए है आप भी, पीएम पढ़े होते तो छात्रों के साथ खड़े होते पहले आप बाढ़ से मुहल्ला सुरक्षित कर ले फिर ट्विटियाएगा।

वही वैभव विशाल ने सुशील कुमार मोदी के ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा है, आप जैसे लोग जो आज जेएनयू में लगी इस आग को सेंक रहे हैं, भूल गए हैं कि आप भी ऐसे ही विश्वविद्यालयों से पनपे हैं। छात्रों की तुलना आ’तंक’वादि’यों से करना निहायती छि’छली किस्म की राजनीति का द्योतक है। श’र्म की बात यह है कि आप भी एक ज़माने में छात्र नेता हुआ करते थे।

बता दें बिहार में कई यूनिवर्सिटी जिनमे तीन साल का BA पांच साल में हो रहा है. समय पर रिज़ल्ट नहीं आता. सुशील मोदी को पता है कि धर्म और झूठ की अफ़ी’म से अब बिहार के नौजवानों की चेतना ख़त्म की जा चुकी है. वहां के युवा अपने मां-बाप के सपनों के ला’श भर हैं. वर्ना आज बिहार के चप्पे-चप्पे में अच्छी यूनिवर्सिटी को लेकर जेएनयू से बड़ा आंदोलन हो रहा होता। तभी सुशील मोदी उन्हें जेएनयू के बारे में नफ़रत बांट रहे हैं।

साभार: ndtv

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