क्या AIMIM भाजपा के लिए काम करती है? सच्चाई जान कर आप के होश उड़ जाएंगे

देश में लोकसभा चुनाव नजदीक आ रहे है इसके साथ ही कई तरह की चर्चा भी शुरू हो गई है. सोशल मीडिया पर कई तरह की बातें कही जा रही है. ऐसी ही एक बात का सच आज हम आपको बताने जा रहे है. वैसे तो भारतीय राजनीति में कई अल्पसंख्यक नेता हैं लेकिन पिछले कुछ समय से एक नेता जोरो से चर्चा में रहता हैं और उनका नाम है असदुद्दीन ओवैसी. ओवैसी एक ऐसे नेता है जो कभी संविधान की तो कभी शरीयत की तरफदारी करते हुए नजर आते है. मौजूदा समय में वह देश भर के मुस्लिमों की आवाज़ के तौर पर देखे जाते हैं.

ओवैसी अक्सर ही विवादों में रहते है अपने तीखी बयानों के चलते वह आए दिन ही विवाद खड़े करते रहते है. ओवैसी अपने इन विवादित बयानों के चलते अल्पसंख्यकों की वाहावाही भी लुटते रहते हैं. हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी को अक्सर ही भाजपा का एजेंट कहा जाता है? आखिर क्या है इसके पीछे की सच्चाई?

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असदुद्दीन ओवैसी की बात की जाए तो उनका जन्म हैदराबाद में हुआ था. वह पेशे से एक वकील है उन्होंने अपनी पढाई लंदन में की है. ओवैसी एआईएमआईएम पार्टी के मुखिया है और उन्हें हिंदी उर्दू के साथ साथ अंग्रेजी में भी महारत हासिल हैं.

असदुद्दीन ओवैसी पर कई बार बीजेपी का एंजेट होने का आरोप लग चूका है. 15 फरवरी 2017 को कांग्रेस के दिग्गज नेता गुलाम नबी आजाद ने कानपूर में एक रैली के दौरान उन्हें बीजेपी का आदमी कहकर संबोधित किया.

नबी ने दावा किया कि ओवैसी बीजेपी से पैसे लेकर मुस्लिम समुदाय के वोट काटने का काम करता है उसे मुस्लिमों से कोई मतलब नहीं हैं. नबी यह आरोप लगाने वाले पहले शख्स नहीं थे इससे पहले राजद नेता उस्मान गनी भी यह बात कह चुके हैं.

उस्मान गनी ने किशनगंज में एक सभा के दौरान साल 2015 में कहा था कि ओवैसी परोक्ष रूप से आरएसएस और भरतीय जनता पार्टी को लाभ पहुंचाने के लिए काम करता हैं. उन्होंने कहा कि वह टीवी पर सिर्फ दिखावे के लिए बीजेपी के खिलाफ बोलते हैं जबकि सच यह है कि वह बीजेपी का आदमी है.

इसके आलावा बीजेपी के विधायक भी यह बात कह चुके है. बीजेपी विधायक यतिन ओझा ने अरविंद केजरीवाल को लिखी एक चिठ्ठी में खुलासा किया था कि अमित शाह और ओवैसी में गुप्त समझौता हुआ है. जिसके अनुसार वह मुस्लिम बहुल इलाके में अपने उम्मीदवार उतारकर मुस्लिम वोट काटेगें. साथ ही भड़काऊ भाषण देकर वोटों का ध्रुवीकरण करेंगे.

इसके आलावा कई मुस्लिम नेता भी एआईएमआईएम के अध्यक्ष ओवैसी पर इसी तरह के आरोप लगाते हैं. इनका कहना है कि ओवैसी बीजेपी के लिए काम करते हैं. हालांकि इस बात में कितनी सच्चाई है इसका खुलासा अब तक नहीं हो पाया है. इन आरोपों की सच्चाई सिर्फ ओवैसी ही जानते हैं.